Gorakhpur Gangster Act: शादी के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर गोरखपुर पुलिस का एक्शन; सरगना अंकुर सिंह समेत 8 पर गैंगस्टर एक्ट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और संगठित अपराध का मामला सामने आया है। गोरखपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह (Interstate Gang) का पर्दाफाश किया है, जो दूसरे राज्यों के भोले-भले युवकों को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था।
आरोप है कि यह गिरोह बाहरी राज्यों से लड़कों को गोरखपुर बुलाकर पहले उनकी फर्जी शादी कराता था, और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें बंधक बना लेता था। इसके बाद पीड़ित युवकों और उनके परिजनों को डरा-धमकाकर मोटी रकम की वसूली (उगाही) की जाती थी। इस संगठित गिरोह की खतरनाक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरगना समेत आठ सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
कैसे काम करता था यह गिरोह? फर्जी शादी से लेकर नकली पुलिस बनकर वसूली तक
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर और संगठित थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि:
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शादी का झांसा: गिरोह का मुख्य सरगना अंकुर सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों (जैसे बिहार, मध्य प्रदेश आदि) के उन युवकों को टारगेट करता था जिनकी शादी नहीं हो रही होती थी। उन्हें शादी का लालच देकर गोरखपुर बुलाया जाता था।
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फर्जी मैरिज और बंधक बनाना: यहां लाने के बाद गिरोह की महिला सदस्यों और अन्य साथियों की मदद से एक फर्जी शादी का नाटक रचा जाता था। शादी संपन्न होते ही गिरोह के अन्य पुरुष सदस्य अचानक वहां एंट्री लेते थे और खुद को उत्तर प्रदेश पुलिस का बड़ा अधिकारी बताते थे।
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मोटी रकम की उगाही: पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई, जेल भेजने और बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर बंधक बना लिया जाता था। इसके बाद उनके परिवार वालों से फोन पर संपर्क कर लाखों रुपये की धन उगाही की जाती थी।
गैंग चार्ट को मिली मंजूरी, इन 8 आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
संगठित अपराधों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक उत्तरी (SP North) के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी (CO) कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल थाना पुलिस ने इस गिरोह का पूरा 'गैंग चार्ट' तैयार किया।
जिला मजिस्ट्रेट (DM Gorakhpur) से हरी झंडी और मंजूरी मिलने के बाद गिरोह के सभी 8 सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के तहत नामजद किए गए आरोपियों में ये लोग शामिल हैं:
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अंकुर सिंह (गैंग लीडर/सरगना)
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राजू शर्मा
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धीरेन्द्र यादव उर्फ टुनटुन
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रवि चौधरी
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मुन्ना जायसवाल
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नवमी शर्मा
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शैला देवी
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नीलम सिंह
गैंग लीडर अंकुर सिंह का लंबा आपराधिक इतिहास: दर्ज हैं 28 गंभीर मुकदमे
चिलुआताल पुलिस के मुताबिक, इस अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना अंकुर सिंह एक बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2006 से लेकर 2026 तक उसके खिलाफ गोरखपुर और आसपास के विभिन्न थानों में करीब 28 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
अंकुर सिंह पर पूर्व में हत्या (Murder), हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), लूट, भयंकर डकैती, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखना), एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थों की तस्करी) और चोरी जैसी कई संगीन धाराओं में मामले चल रहे हैं। गिरोह के अन्य सात सदस्यों का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ भी धोखाधड़ी व जबरन वसूली के कई केस दर्ज हैं।
इलाके में था डर का माहौल, अब संपत्तियों की जांच करेगी पुलिस
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की इन अवैध और अनैतिक गतिविधियों के कारण स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले लोगों के बीच एक गहरा भय और आतंक का माहौल बना हुआ था। कोई भी पीड़ित बदनामी और पुलिस के डर से सामने आकर शिकायत दर्ज कराने से कतराता था।
इसी आतंक को समाप्त करने और भविष्य में ऐसे घिनौने संगठित अपराधों को पूरी तरह रोकने के उद्देश्य से इन सभी पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि अब इस कानून के तहत गिरोह के सभी सदस्यों द्वारा अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों (Properties) और उनके बैंक खातों की आर्थिक जांच की जा रही है, जिन्हें जल्द ही कुर्क (Seize) करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।