लखनऊ कचेहरी पर गरजा बुलडोजर: हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम का बड़ा ऐक्शन, 100 से ज्यादा वकीलों के चैंबर ध्वस्त

लखनऊ कचेहरी पर गरजा बुलडोजर: हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम का बड़ा ऐक्शन, 100 से ज्यादा वकीलों के चैंबर ध्वस्त

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार (17 मई 2026) को नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से कचेहरी परिसर के आसपास बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद प्रशासन ने कोर्ट परिसर और स्वास्थ्य भवन के बाहर बने अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान अब तक 100 से अधिक वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने इस पूरे इलाके में कुल 200 से ज्यादा अवैध कब्जों को चिन्हित किया है, जिन्हें पूरी तरह हटाने का लक्ष्य रखा गया है।

बुलडोजर ऐक्शन के दौरान नगर निगम के आला अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहकर पूरे अभियान की कमान संभालते दिखे। वहीं, वकीलों के भारी विरोध और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए कचेहरी के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया था।

बिना वैकल्पिक व्यवस्था चैंबर हटाने पर भड़के वकील, जताया कड़ा विरोध

नगर निगम की इस एकतरफा और बड़ी कार्रवाई का मौके पर मौजूद कई वकीलों ने पुरजोर विरोध किया। जैसे ही बुलडोजर ने चैंबरों को गिराना शुरू किया, बड़ी संख्या में अधिवक्ता (वकील) मौके पर एकत्र हो गए और नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नारेबाजी करने लगे।

वकीलों का साफ तौर पर कहना है कि प्रशासन ने उनके लिए कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था (Alternative Arrangement) नहीं की है। बिना किसी दूसरी जगह के उनके चैंबरों को अचानक हटा देने से उनके रोजमर्रा के कामकाज और वकालत पर सीधा और बुरा असर पड़ेगा, जिससे उन्हें और उनके मुवक्किलों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस कार्रवाई के चलते पूरे दिन वकीलों और जिला प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक और भारी तनाव की स्थिति बनी रही।

हाईकोर्ट की मियाद खत्म होते ही शुरू हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई लखनऊ जिला कोर्ट और स्वास्थ्य भवन के आसपास यातायात को सुगम बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए की जा रही है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस इलाके में फैले 200 से अधिक अवैध वकील चैंबरों और दुकानों को हटाने का स्पष्ट आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के निर्देश के क्रम में नगर निगम ने पहले ही इन सभी अवैध निर्माणों और चैंबरों पर बाकायदा लाल क्रॉस (Red Cross) का निशान लगा दिया था और उन पर नोटिस चस्पा किया था। नोटिस के जरिए सभी को अपना अतिक्रमण खुद हटाने के लिए 16 मई तक का समय दिया गया था। साथ ही यह कड़ी चेतावनी भी दी गई थी कि तय मियाद खत्म होने के बाद 17 मई को प्रशासन खुद बुलडोजर कार्रवाई करेगा और इस पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया में आने वाला खर्च भी अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। वकीलों द्वारा समय सीमा के भीतर चैंबर न हटाए जाने के कारण रविवार सुबह ही प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई।

सभी 200 से ज्यादा अवैध कब्जे हटने तक जारी रहेगा अभियान

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, लखनऊ जिला कोर्ट और स्वास्थ्य भवन के आसपास के रास्तों पर लंबे समय से अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इन अवैध ढांचों और चैंबरों की वजह से आम जनता को आवागमन में भारी जाम और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, साथ ही कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान किसी के दबाव में रुकने वाला नहीं है। जब तक कचेहरी के आसपास चिन्हित किए गए सभी 200 से अधिक अवैध कब्जों और निर्माणों को पूरी तरह हटा नहीं दिया जाता, तब तक नगर निगम का यह बुलडोजर अभियान लगातार जारी रहेगा।

 

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