इंडियन प्रीमियर लीग नाम के इस्तेमाल पर नहीं लगेगी रोक,केरल हाई कोर्ट ने BCCI के खिलाफ याचिका की खारिज
News India Live, Digital Desk: आईपीएल 2026 के सीजन (जो 28 मार्च से शुरू होने वाला है) से ठीक पहले बीसीसीआई ने एक बड़ी कानूनी जंग जीत ली है। केरल हाई कोर्ट ने उस याचिका को "बिना किसी आधार" का बताते हुए खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि बीसीसीआई एक निजी संस्था होने के नाते अपने टूर्नामेंट के लिए 'इंडियन' शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकती।
क्या थे याचिकाकर्ता के आरोप?
एर्नाकुलम के एक सामाजिक कार्यकर्ता आशिक करौथ (Ashique Karoth) द्वारा दायर इस याचिका में निम्नलिखित तर्क दिए गए थे:
निजी बनाम राष्ट्रीय: याचिकाकर्ता का कहना था कि बीसीसीआई कोई 'राष्ट्रीय खेल महासंघ' (National Sports Federation - NSF) नहीं है, बल्कि एक निजी संस्था है। इसलिए इसके द्वारा आयोजित टूर्नामेंट को 'इंडियन' प्रीमियर लीग कहना भ्रामक है।
प्रतीक और नाम अधिनियम का उल्लंघन: आरोप लगाया गया कि 'इंडियन' शब्द का उपयोग 'प्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम, 1950' का उल्लंघन करता है, क्योंकि यह सरकारी संरक्षण का झूठा आभास देता है।
देर से हुआ अहसास: याचिका में कहा गया कि उन्हें हाल ही में यह अहसास हुआ कि आईपीएल कोई आधिकारिक सरकारी राष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं है।
हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "18 साल बाद क्यों?"
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी.एम. की खंडपीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ा रुख अपनाया:
तर्कहीन दावा: अदालत ने कहा कि इस दलील में कोई दम (Merit) नहीं है।
इतनी देरी क्यों?: बेंच ने सवाल किया कि आईपीएल पिछले 18 वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहा है, तो याचिकाकर्ता को इतने सालों बाद अचानक यह "अवैध" क्यों लगने लगा?
जनहित याचिका का दुरुपयोग: अदालत ने इसे न्यायिक समय की बर्बादी मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
बीसीसीआई के लिए क्यों जरूरी थी यह जीत?
अगर अदालत इस नाम पर रोक लगा देती, तो बीसीसीआई के लिए भारी मुश्किलें खड़ी हो सकती थीं:
ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स: टूर्नामेंट शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं। नाम बदलने का मतलब होता करोड़ों के विज्ञापन, लोगो और मर्चेंडाइज को रातों-रात बदलना।
ब्रॉडकास्टिंग राइट्स: 'इंडियन प्रीमियर लीग' एक वैश्विक ब्रांड है। नाम में किसी भी बदलाव से अंतरराष्ट्रीय प्रसारण समझौतों पर कानूनी संकट आ सकता था।