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April 09 2026 06:48 pm

US-Iran War: ट्रंप की 'कयामत' वाली धमकी और ईरान का मिसाइल तांडव! बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला, लापता अमेरिकी पायलट की तलाश

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तेहरान/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण संघर्ष अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता नजर नहीं आ रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए '48 घंटे के अल्टीमेटम' की समयसीमा जैसे-जैसे खत्म हो रही है, युद्ध की आग और भड़क उठी है। रविवार तड़के ईरान ने ट्रंप की धमकियों को दरकिनार करते हुए इजरायल और कुवैत पर मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से भीषण हमला बोल दिया। इस ताजा सैन्य कार्रवाई ने पूरी दुनिया को संभावित महायुद्ध (World War) की दहलीज पर खड़ा कर दिया है।

ट्रंप का 'कयामत' वाला अल्टीमेटम और ईरान का कड़ा पलटवार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को अंतिम चेतावनी दी थी। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि ईरान के पास समझौते के लिए और 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए केवल 48 घंटे बचे हैं, वरना उस पर 'नरक बरसेगा' और 'कयामत' टूट पड़ेगी। ट्रंप की इस धमकी पर पलटवार करते हुए ईरान के सैन्य जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी ने इसे 'बेवकूफाना' करार दिया और चेतावनी दी कि अब नरक के दरवाजे अमेरिका के लिए ही खुलेंगे। इसी तनातनी के बीच ईरान ने रविवार सुबह जवाबी हमलों की झड़ी लगा दी।

बुशहर परमाणु प्लांट के पास हमला और रूस का बड़ा फैसला

युद्ध की सबसे डरावनी खबर ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Plant) से आई है। शनिवार को इस प्लांट के पास हुए एक बड़े हमले में एक गार्ड की मौत हो गई। इस संयंत्र के संचालन में सहयोग कर रहे रूस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने 198 कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित निकालने का निर्णय लिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि परमाणु प्लांट को निशाना बनाया गया, तो उससे निकलने वाला रेडियोधर्मी रिसाव केवल तेहरान को नहीं, बल्कि कुवैत, बहरीन और कतर जैसी खाड़ी देशों की राजधानियों को भी राख में बदल देगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) ने फिलहाल रेडिएशन बढ़ने की पुष्टि नहीं की है।

आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों को बनाया जा रहा निशाना

अब यह युद्ध केवल सैन्य चौकियों तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित पेट्रोकेमिकल हब, सीमेंट प्लांट और एक व्यापारिक टर्मिनल को तबाह कर दिया, जिसमें 5 लोगों की जान चली गई। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन में हमला किया जहां 4 लोग घायल हुए। वहीं, दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी 'ओरेकल' (Oracle) के दफ्तर वाली इमारत पर भी मलबे गिरने से भारी नुकसान हुआ है। दोनों पक्ष एक-दूसरे की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए औद्योगिक संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं।

लापता अमेरिकी पायलट और हवाई युद्ध में बढ़ती अनिश्चितता

हवाई हमलों के बीच अमेरिकी सेना के लिए एक बड़ी चिंता पैदा हो गई है। ईरान का दावा है कि उसने अमेरिका के एक F-15 और एक A-10 फाइटर जेट को मार गिराया है। F-15 विमान के दो क्रू मेंबर्स में से एक को तो बचा लिया गया है, लेकिन दूसरे पायलट का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसे खोजने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय ईरानी कबीले भी शामिल हैं। इसी रेस्क्यू मिशन के दौरान ईरानी पुलिस द्वारा अमेरिकी बचाव हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं, जो तनाव को और अधिक चरम पर ले जा रही हैं।