UPTET 2026 Notification: यूपी में शिक्षक बनने का सपना होगा सच! 4 साल बाद निकला TET का विज्ञापन; 27 मार्च से शुरू होंगे आवेदन, जानें OTR और परीक्षा की नई तारीखें
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की राह देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। नवनर्मित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने शुक्रवार, 20 मार्च को 'उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा' (UPTET)-2026 का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। राज्य में आखिरी बार 2021 में इस परीक्षा का आयोजन हुआ था, जिसके बाद से अभ्यर्थी लगातार नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे थे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह परीक्षा प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) दोनों स्तरों के लिए आयोजित की जाएगी।
महत्वपूर्ण तारीखें: डायरी में नोट कर लें ये शेड्यूल
यूपीईएसएससी के उप सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, आवेदन की प्रक्रिया होली के ठीक बाद शुरू होगी:
ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत: 27 मार्च 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2026
संशोधन की अंतिम तिथि: 01 मई 2026 (शुल्क के साथ)
परीक्षा की तारीखें: 2, 3 और 4 जुलाई 2026
OTR (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) हुआ अनिवार्य
इस बार आयोग ने आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब यूपीटीईटी के लिए OTR (One Time Registration) अनिवार्य कर दिया गया है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे 27 मार्च से पहले ही आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर अपना ओटीआर नंबर प्राप्त कर लें। बिना ओटीआर के मुख्य आवेदन फॉर्म भरना संभव नहीं होगा।
आवेदन शुल्क का गणित
अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता के अनुसार पेपर-1 या पेपर-2 अथवा दोनों का चुनाव करना होगा। शुल्क का विवरण इस प्रकार है:
| श्रेणी | एक पेपर (1 or 2) | दोनों पेपर (1 & 2) |
|---|---|---|
| सामान्य/OBC/EWS | ₹1000 | ₹2000 |
| SC/ST | ₹500 | ₹1000 |
| दिव्यांग (PH) | ₹300 | ₹600 |
सरकारी शिक्षकों को भी मिला मौका
आयोग ने इस बार कार्यरत सरकारी शिक्षकों के लिए भी आवेदन के द्वार खोल दिए हैं। यदि कोई वर्तमान शिक्षक अपनी पात्रता सुधारना चाहता है या उच्च प्राथमिक स्तर के लिए अर्हता प्राप्त करना चाहता है, तो वह आवेदन कर सकता है। ऐसे अभ्यर्थियों को अपना 'मानव संपदा कोड' और कार्यभार ग्रहण करने की तिथि जैसे विवरण अनिवार्य रूप से देने होंगे।
परीक्षा का बदला हुआ स्वरूप
बता दें कि पहले यह परीक्षा जनवरी में प्रस्तावित थी, लेकिन नए आयोग के गठन और तकनीकी कारणों से इसे टाल दिया गया था। अब जुलाई में होने वाली इस परीक्षा में 15 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे विज्ञापन में दिए गए सिलेबस और दिशा-निर्देशों का गहराई से अध्ययन कर लें।