UP Board Paper Leak: परीक्षा से पहले वायरल हुआ हिंदी का पेपर? यूपी बोर्ड ने बताया सच, अफवाह फैलाने वालों पर होगी FIR
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की बोर्ड परीक्षाएं आज से शुरू हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही एक विवाद ने भी जन्म ले लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर हाईस्कूल हिंदी का एक प्रश्न पत्र तेजी से वायरल होने लगा, जिसे आज का असली पेपर बताया गया। बोर्ड ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए इसे पूरी तरह फर्जी (Fake) करार दिया है।
बोर्ड का आधिकारिक स्पष्टीकरण
यूपी बोर्ड के सचिव ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा प्रश्न पत्र पुराने वर्षों के पेपरों या मॉडल पेपर्स को एडिट करके बनाया गया है। उन्होंने कहा, "बोर्ड की गोपनीयता पूरी तरह बरकरार है। जो पेपर सोशल मीडिया पर घूम रहा है, उसका आज की परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम पैदा करने की एक साजिश है।"
अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं!
बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को जांच के आदेश दिए हैं।
FIR की तैयारी: जिस भी ग्रुप या सोशल मीडिया हैंडल से यह फर्जी पेपर साझा किया गया है, उनके खिलाफ IT Act और नकल विरोधी कानून के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
NSA तक की चेतावनी: शासन ने पहले ही साफ कर दिया है कि पेपर लीक की अफवाह फैलाने या नकल में संलिप्त पाए जाने वालों पर रासुका (NSA) तक लगाई जा सकती है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यूपी बोर्ड ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न दें और केवल अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।
सावधानी बरतें: किसी भी अनजान लिंक या टेलीग्राम ग्रुप से मिलने वाले 'लीक पेपर' के झांसे में न आएं। यह न केवल आपके करियर को बर्बाद कर सकता है, बल्कि आप कानूनी पचड़े में भी फंस सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बार यूपी बोर्ड ने हर जिले में 'कमांड एंड कंट्रोल रूम' बनाया है। प्रश्न पत्रों के लिफाफे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही खोले जा रहे हैं। हर केंद्र पर वॉयस रिकॉर्डर के साथ सीसीटीवी लगे हैं, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न के बराबर है।