UP Board & Madrasa Exam 2026 : लखनऊ में मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं शुरू, कैमरों की निगरानी में नकल माफिया पर नकेल
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। एक तरफ जहाँ आज से मदरसा बोर्ड (Madrasa Board) की परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई हैं, वहीं दूसरी ओर यूपी बोर्ड (UP Board) की आगामी मुख्य परीक्षाओं के लिए केंद्रों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) का काम भी युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया गया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार 'नकल विहीन परीक्षा' के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
मदरसा बोर्ड: सीसीटीवी (CCTV) की जद में परीक्षार्थी
लखनऊ के विभिन्न केंद्रों पर मदरसा बोर्ड की सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षाएं शुरू हुईं। जिला प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सख्त निर्देश जारी किए हैं:
लाइव मॉनिटरिंग: सभी परीक्षा केंद्रों को लखनऊ स्थित स्टेट कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर हरकत पर नजर रखी जा रही है।
जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट: परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सचल दल (Flying Squads) लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।
सुविधाओं की जांच: परीक्षार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल, रोशनी और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
यूपी बोर्ड 2026: परीक्षा केंद्रों का 'अग्निपरीक्षा' टेस्ट
फरवरी के अंत में शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए लखनऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की टीम ने केंद्रों के निरीक्षण का काम लगभग पूरा कर लिया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर वेरिफिकेशन: स्कूलों में उपलब्ध कमरों की संख्या, डेस्क-बेंच की स्थिति और चहारदीवारी की मजबूती की जांच की गई है।
कैमरों का ऑडिट: यूपी बोर्ड के सख्त मानकों के अनुसार, यदि किसी केंद्र पर सीसीटीवी या वॉयस रिकॉर्डर खराब मिलता है, तो उस केंद्र की मान्यता पर संकट आ सकता है।
संवेदनशील केंद्रों की सूची: प्रशासन ने उन केंद्रों को 'संवेदनशील' और 'अति-संवेदनशील' श्रेणी में रखा है जहाँ पहले सामूहिक नकल की शिकायतें रही हैं। वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा।
नकल माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नकल कराने या उसमें मदद करने वालों के खिलाफ रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। लखनऊ के डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि परीक्षा के दौरान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में कोई भी बाहरी व्यक्ति मौजूद न रहे।