UP Board Exam 2026 : यूपी बोर्ड का परीक्षार्थियों को बड़ा तोहफा, अब गणित-विज्ञान में स्टेप मार्किंग से बरसेंगे नंबर
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की बोर्ड परीक्षाओं के बीच छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी साझा की है। बोर्ड ने इस साल विशेष रूप से गणित (Mathematics) और विज्ञान (Science) जैसे कठिन विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 'स्टेप मार्किंग' (Step Marking) का कड़ा आदेश जारी किया है। इसका मतलब है कि अब अगर आपका अंतिम उत्तर गलत भी होता है, तो भी आपको पूरे अंक नहीं कटेंगे।
क्या है स्टेप मार्किंग और कैसे होगा फायदा?
अक्सर छात्र कठिन सवालों को इस डर से छोड़ देते थे कि अगर उत्तर गलत हुआ तो मेहनत बेकार जाएगी। लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत:
आधा सही तो आधे अंक: अगर आपने सवाल का आधा हिस्सा या सही फॉर्मूला लिखा है, तो आपको उसके निर्धारित अंक जरूर मिलेंगे।
लेवलिंग पर भी नंबर: विज्ञान के विषयों में यदि छात्र ने सही डायग्राम बनाया है या सही लेबलिंग की है, तो भले ही उसकी थ्योरी कम हो, उसे अंकों का लाभ मिलेगा।
केवल अंतिम गलती पर जीरो नहीं: अब मूल्यांकनकर्ता केवल अंतिम उत्तर गलत होने पर पूरा शून्य (0) नहीं दे पाएंगे। उन्हें हर सही स्टेप के लिए नंबर देने होंगे।
मूल्यांकन के लिए बोर्ड के 3 सख्त निर्देश
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी मूल्यांकन केंद्रों के लिए गाइडलाइन जारी की है:
मार्किंग स्कीम का पालन: परीक्षकों को एक 'मार्किंग स्कीम' दी जाएगी, जिसमें स्पष्ट होगा कि किस स्टेप या फॉर्मूले के लिए कितने नंबर देने हैं।
बाईं ओर के पेज की जांच: अक्सर छात्र रफ कार्य या कुछ जरूरी स्टेप्स बाईं ओर के पेज पर कर देते हैं। आदेश है कि उन पन्नों को भी ध्यान से जाँचा जाए।
उदार रुख: भाषा के विषयों को छोड़कर अन्य विषयों (जैसे गणित, विज्ञान) में स्पेलिंग या छोटी भाषाई गलतियों पर अंक न काटने और उदारता बरतने को कहा गया है।
कब से शुरू होगी कॉपियों की जांच?
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 12 मार्च 2026 को समाप्त हो रही हैं। इसके तुरंत बाद 18 मार्च 2026 से प्रदेश भर के 249 केंद्रों पर कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य शुरू हो जाएगा। बोर्ड की योजना है कि डिजिटल पोर्टल पर अंकों की सीधी एंट्री कर अप्रैल के अंत तक परिणाम घोषित कर दिए जाएं।
छात्रों के लिए एक्सपर्ट टिप
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा के दौरान किसी भी सवाल को खाली न छोड़ें। अगर आपको पूरा सवाल नहीं आता, तो भी उससे संबंधित फॉर्मूला, दिया गया डेटा (Given Data) या शुरुआती स्टेप्स जरूर लिखें। आपके ये छोटे प्रयास आपको पास कराने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।