भारत से मोबाइल फोन का निर्यात अभूतपूर्व गति से बढ़ रहा है। जनवरी 2025 में मोबाइल निर्यात ने 25,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। इंडस्ट्री बॉडी इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के अनुसार, इस निर्यात में 70% हिस्सेदारी Apple के iPhone की रही। मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए, वित्त वर्ष 2025 में कुल निर्यात 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 40% अधिक और वित्त वर्ष 2021 की तुलना में 680% की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है।
मोबाइल फोन निर्यात में उछाल का महत्व
- Apple की बड़ी हिस्सेदारी: जनवरी 2025 में कुल मोबाइल निर्यात में Apple के iPhone की हिस्सेदारी 70% से अधिक रही।
- फॉक्सकॉन की भूमिका: Apple के प्रमुख कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन की हिस्सेदारी 31% (करीब 96 करोड़ डॉलर) रही।
- स्मार्टफोन बना सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद: ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रू के अनुसार, पहली बार भारत से सबसे अधिक निर्यात होने वाला उत्पाद स्मार्टफोन बनने जा रहा है।
- अमेरिकी बाजार बना प्रमुख गंतव्य: भारत में निर्मित स्मार्टफोन अमेरिकी बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं।
मोबाइल उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
- भारत में मोबाइल फोन उत्पादन वित्त वर्ष 2025 में 5.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है।
- पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना के तहत उत्पादन वित्त वर्ष 2021 में 2.20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 4.22 लाख करोड़ रुपये हो गया।
- सरकार और इंडस्ट्री की संयुक्त कोशिशों से भारत दुनिया का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह पर है।
- आने वाले समय में, ध्यान प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, उत्पादन को और तेज करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर होगा।
- 50 हजार करोड़ डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सरकार और उद्योग तेजी से काम कर रहे हैं।
भारत का नया लक्ष्य: सबसे बड़ा स्मार्टफोन निर्यातक बनना
ICEA के चेयरमैन पंकज मोहिन्द्रू के अनुसार, अगला लक्ष्य भारत को दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन एक्सपोर्टर बनाना है। मौजूदा रुझानों को देखते हुए, यह लक्ष्य अब अधिक साकारात्मक और संभव दिख रहा है।