फ्लाइट का खर्च बचेगा! भारत से इन खूबसूरत देशों के लिए चलती है सीधी इंटरनेशनल बस, बेहद कम बजट में ऐसे करें विदेश की सैर

फ्लाइट का खर्च बचेगा! भारत से इन खूबसूरत देशों के लिए चलती है सीधी इंटरनेशनल बस, बेहद कम बजट में ऐसे करें विदेश की सैर

विदेश घूमने का सपना तो हर किसी का होता है, लेकिन आसमान छूती फ्लाइट की टिकटों की वजह से अक्सर लोग अपना प्लान कैंसिल कर देते हैं। अगर आप भी बजट की कमी के कारण विदेश यात्रा नहीं कर पा रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार और किफायती विकल्प मौजूद है। क्या आप जानते हैं कि भारत से कुछ ऐसे खूबसूरत पड़ोसी देश भी हैं, जहां जाने के लिए आपको किसी हवाई जहाज की जरूरत नहीं है? आप भारत के विभिन्न शहरों से सीधी इंटरनेशनल बस सेवा (International Bus Service) के जरिए बेहद कम पैसों में सरहद पार कर एक यादगार और एडवेंचरस ट्रिप का आनंद ले सकते हैं।

भारत से नेपाल की बस यात्रा: पहाड़ों के बीच से गुजरता खूबसूरत सफर

भारत से सबसे लोकप्रिय और आसान इंटरनेशनल बस सफर नेपाल के लिए माना जाता है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली से नेपाल के काठमांडू और पोखरा जैसे प्रमुख शहरों के लिए नियमित तौर पर शानदार और आरामदायक बसें चलती हैं। दिल्ली के अंबेडकर स्टेडियम बस टर्मिनल से काठमांडू के लिए सीधी 'मैत्री बस सेवा' संचालित की जाती है, जो उत्तर प्रदेश के कानपुर और सोनौली बॉर्डर से होकर गुजरती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी और लखनऊ से भी नेपाल के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं। इस सफर का किराया बेहद किफायती है और आप रास्ते में पहाड़ों के लुभावने दृश्यों का लुत्फ उठाते हुए विदेश पहुंच सकते हैं।

सिलीगुड़ी से बांग्लादेश की सैर: बेहद कम दूरी और शानदार कनेक्टिविटी

अगर आप पूर्वी भारत की तरफ से विदेश यात्रा का प्लान कर रहे हैं, तो पश्चिम बंगाल का सिलीगुड़ी और कोलकाता आपके लिए बेहतरीन गेटवे साबित हो सकते हैं। कोलकाता से बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए सीधी इंटरनेशनल बसें चलती हैं, जिन्हें श्यामली यात्री परिवहन जैसी अधिकृत एजेंसियां संचालित करती हैं। यह सफर आपको बेहद कम खर्च में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करा देता है। बांग्लादेश जाने के लिए आपके पास वैध पासपोर्ट और वीजा होना अनिवार्य है। हरी-भरी वादियों और ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरने वाला यह बस सफर पर्यटकों के बीच खासा पसंद किया जाता है।

भूटान और म्यांमार का रोड ट्रिप: एडवेंचर के शौकीनों की पहली पसंद

प्रकृति प्रेमियों के लिए दुनिया का सबसे खुशहाल देश 'भूटान' भी सड़क मार्ग से आसानी से सुलभ है। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी या जयगांव से भूटान के सीमावर्ती शहर फुंतशोलिंग के लिए सीधी बसें और टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। इसके अलावा, एडवेंचर के शौकीन लोग पूर्वोत्तर भारत (North-East India) के मणिपुर राज्य के मोरेह बॉर्डर के जरिए म्यांमार (बर्मा) की सीमा में भी प्रवेश कर सकते हैं। हालांकि, म्यांमार और भूटान की यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस, परमिट और वीजा नियमों की ताजा जानकारी लेना बेहद जरूरी होता है।

इंटरनेशनल बस सफर पर निकलने से पहले इन बातों को नोट कर लें

सड़क मार्ग से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करना जितना रोमांचक है, इसके लिए उतनी ही सावधानी भी जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना वैध पासपोर्ट और संबंधित देश के वीजा (या एंट्री परमिट) के आप बॉर्डर पार नहीं कर सकते, इसलिए अपने दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त रखें। इंटरनेशनल बस की बुकिंग हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रैवल ऑपरेटरों से ही कराएं। इसके अलावा, सीमा पर होने वाली कस्टम और इमिग्रेशन चेकिंग के समय को ध्यान में रखते हुए अपने पास कुछ अतिरिक्त समय और दोनों देशों की करेंसी (नगद राशि) जरूर रखें।

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