26 अगस्त को मनाया जाएगा मिलाद-उन-नबी का पवित्र पर्व, राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक मस्जिद
इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीनों में से एक रबी-উল-अव्वल के मुबारक मौके पर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला पर्व 'मिलाद-उन-नबी' (Milad-un-Nabi 2026) इस वर्ष 26 अगस्त को पूरे देश में बेहद अकीदत और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस मुबारक दिन को लेकर देश की राजधानी दिल्ली समेत तमाम राज्यों में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश के इस जश्न को ईद-ए-मिलादुन्नबी के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें दुनियाभर के मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके बताए नेकी के रास्तों को याद करते हैं और मस्जिदों में विशेष रूप से दुआएं मांगते हैं। चूंकि 26 अगस्त को यह पावन पर्व है, इसलिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थित ऐतिहासिक मस्जिदों, दरगाहों और ईदगाहों में नमाज अदा करने और जलसों में शामिल होने के लिए भारी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है। यदि आप भी इस मुबारक दिन पर दिल्ली में रहकर विशेष नमाज अदा करना चाहते हैं और यह तलाश रहे हैं कि शहर की किन प्रमुख मस्जिदों में जाकर आप सुकून के साथ इबादत कर सकते हैं, तो हम आपके लिए राजधानी के उन सभी प्रमुख और ऐतिहासिक नमाज स्थलों की पूरी सूची लेकर आए हैं जहां इस दिन का माहौल बेहद रूहानी और खूबसूरत होता है।
जामा मस्जिद: पुरानी दिल्ली की ऐतिहासिक शान और मिलाद का मुख्य केंद्र
दिल्ली में जब भी किसी बड़े इस्लामिक पर्व या विशेष नमाज की बात आती है, तो सबसे पहला नाम देश की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जामा मस्जिद (Jama Masjid Delhi) का आता है। पुरानी दिल्ली के दिल में स्थित इस मुगलकालीन भव्य मस्जिद में मिलाद-उन-नबी के मौके पर सबसे बड़ा मजमा लगता है। 26 अगस्त को इस मुबारक दिन पर सुबह से ही यहां हजारों की संख्या में नमाजी इकट्ठा होना शुरू हो जाएंगे। जामा मस्जिद की विशाल सहन और मुख्य इबादत हॉल में नमाज अदा करने का अनुभव अपने आप में बेहद अलौकिक होता है। मिलाद-उन-नबी के इस खास अवसर पर मस्जिद परिसर को बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया जाता है और मदरसों के बच्चों द्वारा नात-ए-पाक तथा दुरूद सलाम पढ़े जाते हैं। यदि आप इस पवित्र दिन पर राजधानी के सबसे बड़े और पारंपरिक धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद आपके लिए सबसे उत्तम स्थान साबित होगी, जहां पहुंचकर आप पैगंबर साहब की शान में होने वाली दुआओं में शामिल हो सकते हैं।
हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह और अन्य ऐतिहासिक दरगाहें
जामा मस्जिद के अलावा, राजधानी दिल्ली में स्थित सूफी संतों की मजारें और दरगाहें भी मिलाद-उन-नबी के जश्न का एक बहुत बड़ा केंद्र बिंदु होती हैं। दक्षिण दिल्ली में स्थित विश्व प्रसिद्ध हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर 26 अगस्त को विशेष कार्यक्रमों और मिलाद की महफिलों का आयोजन किया जाएगा। इस दिन यहां देश-विदेश से आने वाले जायरीन और स्थानीय लोग चादरपोशी करते हैं और रातभर चलने वाली महफिले-मिलाद में शिरकत करते हैं। इसके अलावा महरौली स्थित हजरत ख्वाजा कुख्तियार काकी की दरगाह और तुर्कमान गेट के आसपास की पुरानी मस्जिदें भी इस पर्व पर रोशनी से जगमगा उठती हैं। इन पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करने के साथ-साथ पैगंबर साहब की जीवनियों पर आधारित विशेष तकरीरें (धार्मिक व्याख्यान) भी आयोजित की जाती हैं, जिन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
मिलाद-उन-नबी के जुलूस, सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम
मिलाद-उन-नबी के मुबारक मौके पर केवल मस्जिदों में नमाज ही अदा नहीं की जाती, बल्कि दिल्ली के कई इलाकों में पारंपरिक और शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस-ए-मोहम्मदी भी निकाले जाते हैं। इन जुलूसों में लोग हाथों में झंडे लेकर और दरूद शरीफ का ورد करते हुए पूरे अनुशासन के साथ चलते हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिन-जिन मार्गों से मुख्य जुलूस गुजरने वाले हैं, वहां यातायात को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया जा सकता है ताकि आम जनता और नमाजियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। स्थानीय प्रशासन और कमेटियों ने सभी से यह अपील की है कि वे इस पवित्र पर्व को पूरी आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाएं तथा एक-दूसरे को गले मिलकर इस मुबारक दिन की मुबारकबाद दें।
राजधानी में मिलाद-उन-नबी का संदेश: अमन, भाईचारे और नेकी की राह
यह पर्व केवल एक जश्न का दिन नहीं है, बल्कि यह इस बात को याद करने का दिन है कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी मानवता को इंसानियत, दया, करुणा, क्षमा और आपसी भाईचारे का जो संदेश दिया था, उसे अपने जीवन में उतारा जाए। 26 अगस्त 2026 को जब पूरा देश मिलाद-उन-नबी के रंग में रंगा होगा, तो दिल्ली की हर गली और हर मस्जिद से अमन और शांति की दुआएं बुलंद होंगी। राजधानी के इन तमाम धार्मिक स्थलों पर जाकर आप भी इस पाक दिन की बरकतों को हासिल कर सकते हैं और अपने परिवार तथा देश के लिए खुशहाली की दुआ मांग सकते हैं।