बैकपैक उठाओ, पैसे बचाओ: मानसून के तुरंत बाद इन 5 खूबसूरत जगहों पर घूमने का है परफेक्ट टाइम; कम बजट में मिलेगा जन्नत सा नजारा

बैकपैक उठाओ, पैसे बचाओ: मानसून के तुरंत बाद इन 5 खूबसूरत जगहों पर घूमने का है परफेक्ट टाइम; कम बजट में मिलेगा जन्नत सा नजारा

मानसून की विदाई का वक्त घुमक्कड़ों और बैकपैकर्स के लिए साल का सबसे खूबसूरत समय माना जाता है। तेज बारिश का दौर लगभग थम चुका होता है, झरने पूरे उफान पर होते हैं, पहाड़ियों पर मखमली हरी चादर बिछी होती है और हवा में हल्की गुलाबी ठंडक दस्तक देने लगती है।

इस समय यात्रा करने का सबसे बड़ा फायदा है 'शोल्डर सीजन' (Shoulder Season) का लाभ। दिवाली और सर्दियों की छुट्टियों की भारी भीड़ उमड़ने से पहले यह ऐसा समय होता है जब होटल के कमरों के किराए आधे होते हैं, कैब और लोकल ट्रांसपोर्ट बेहद सस्ते मिल जाते हैं और पर्यटक स्थलों पर धक्का-मुक्की बिल्कुल नहीं होती। अगर आप कम बजट में किसी शांत और मनमोहक जगह पर सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो इन 5 जगहों की ट्रिप तुरंत प्लान कर सकते हैं।

मानसून के ठीक बाद घूमने के लिए देश की 5 सबसे बेहतरीन बजट जगहें

प्रकृति के सबसे खूबसूरत रूप को बिना जेब खाली किए देखने के लिए ये पांच स्थान बैकपैकर्स की पहली पसंद हैं:

  • 1. तीर्थन और जिभी घाटी (हिमाचल प्रदेश)मानसून खत्म होते ही भारत के कई कोने धुले हुए, हरे-भरे और बेहद खूबसूरत नजर आने लगते हैं। सितंबर और अक्टूबर का यह समय पीक टूरिस्ट सीजन से ठीक पहले का होता है, इसलिए होटल, हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट पर भारी बचत भी होती है।

बजट ट्रैवलर्स और बैकपैकर्स के लिए पोस्ट-मॉनसून घूमने की 5 सबसे बेहतरीन जगहें:

  • तीर्थन वैली (हिमाचल प्रदेश)

    मानसून के बाद कुल्लू जिले की यह घाटी सेब के बागों और देवदार के जंगलों से लदी रहती है। मनाली या शिमला की तुलना में यहाँ भीड़ बहुत कम होती है, जिससे होमस्टे ₹700–₹1200 में आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ आप चोई वाटरफॉल ट्रेक, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की सैर और ट्राउट फिशिंग का मजा ले सकते हैं।

  • वायनाड (केरल)

    बारिश थमते ही वायनाड के चाय और मसालों के बागान गहरे हरे रंग में चमकते हैं। सितंबर-अक्टूबर में यहाँ की हवा में ताज़गी होती है और बाणासुर सागर डैम व मीनमुट्टी फॉल्स अपने पूरे शबाब पर होते हैं। कलपट्टा या सुल्तान बथरी में बजट हॉस्टल और KSRTC की लोकल बसें आपके सफर का खर्च आधा कर देती हैं।

  • हम्पी (कर्नाटक)

    गर्मियों में तपने वाला हम्पी मानसून के बाद बेहद सुहावना हो जाता है। तुंगभद्रा नदी लबालब भरी होती है और ऐतिहासिक खंडहरों के चारों ओर हरी घास की चादर बिछ जाती है। ₹150–₹200 में साइकिल या मोपेड किराए पर लेकर सानपुर लेक और ऐतिहासिक स्मारकों को एक्सप्लोर करना बैकपैकर्स के लिए सबसे किफायती तरीका है।

  • जीरो वैली (अरुणाचल प्रदेश)

    सितंबर के आखिर में यहाँ के धान के खेत सुनहरे और हरे रंगों में बदल जाते हैं। अगर आप ऑफबीट और शांत माहौल पसंद करते हैं, तो अपतानी संस्कृति को करीब से देखने और लोकल पाइन ट्री ट्रेल्स पर घूमने का यह सबसे सही समय है। यहाँ बजट कैंपिंग और कम्युनिटी होमस्टे काफी सस्ते पड़ते हैं।

  • माउंट आबू (राजस्थान)

    राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन मानसून के ठीक बाद घने बादलों और ताज़ी हरियाली से ढक जाता है। नक्की झील में बोटिंग और गुरु शिखर की चढ़ाई के लिए यह मौसम सबसे ठंडा और खुशनुमा होता है। ऑफ-सीजन छूट के कारण यहाँ बजट होटल और धर्मशालाएँ काफी कम दामों पर उपलब्ध रहती हैं।

पैसे बचाने के 3 क्विक टिप्स:

  • रुकने के लिए बड़े होटलों के बजाय Zostel, स्थानीय डॉर्मिटरी या होमस्टे चुनें।

  • कैब बुक करने के बजाय राज्य परिवहन की लोकल बसों और किराये की स्कूटी/साइकिल का इस्तेमाल करें।

  • पीक वीकेंड (शुक्रवार-रविवार) के बजाय मिड-वीक (मंगलवार-गुरुवार) यात्रा प्लान करें; टिकट और स्टे 20-30% सस्ते मिलेंगे।

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