बादलों के घर 'मेघालय' में मानसून का मज़ा कहीं न बन जाए सजा! निकलने से पहले नोट कर लें ये 5 सबसे जरूरी बातें
दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय मानसून के दौरान किसी जन्नत से कम नहीं लगता। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां, बादलों की लुकाछिपी और पहाड़ों से गिरते दूधिया झरने हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं। यही वजह है कि बरसात शुरू होते ही देश-विदेश से सैलानी शिलांग, चेरापूंजी और मावलिननोंग की तरफ रुख करने लगते हैं। लेकिन याद रखिए, मानसून में पूर्वोत्तर (North East India) का यह खूबसूरत राज्य जितना आकर्षक होता है, उतनी ही चुनौतियां भी पेश करता है। अगर आप भी इस मौसम में मेघालय का दीदार करने जा रहे हैं, तो इन 5 बेहद जरूरी बातों को बिल्कुल न भूलें।
1. अत्यधिक और अनप्रेडिक्टेबल बारिश के लिए रहें तैयार
मेघालय का नाम ही 'मेघों का आलय' यानी बादलों का घर है। मानसून के महीनों में यहां इतनी मूसलाधार बारिश होती है जिसका अंदाजा लगाना आम मैदानी इलाकों के लोगों के लिए मुश्किल है। यहां मिंटों में धूप गायब हो जाती है और घने बादल पूरे रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए अपने साथ मजबूत छाता, हाई-क्वालिटी रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग कवर हमेशा रखें। आपकी पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि भारी से भारी बारिश में भी आपका मोबाइल, कैमरा और कपड़े पूरी तरह सुरक्षित रहें।
2. लैंडस्लाइड और रास्तों के लाइव अपडेट पर रखें नजर
भारी बारिश के चलते मेघालय के पहाड़ी रास्तों, खासकर शिलांग-गुवाहाटी हाईवे और चेरापूंजी के अंदरूनी रूटों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई बार सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने से ट्रैफिक घंटों ठप रहता है। यात्रा पर निकलने से पहले और सफर के दौरान स्थानीय समाचारों, सोशल मीडिया ट्रैफिक अपडेट्स और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।
3. विजिबिलिटी की समस्या और ड्राइविंग की चुनौतियां
बरसात के दिनों में मेघालय की सड़कों पर अचानक इतना घना कोहरा और बादल छा जाते हैं कि चंद मीटर आगे का देख पाना भी नामुमकिन हो जाता है। अगर आप खुद गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं या बाइक ट्रिप पर हैं, तो बेहद सतर्क रहें और गाड़ी की फॉग लाइट्स व इंडिकेटर्स को दुरुस्त रखें। पहाड़ों पर घुमावदार और फिसलन भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने का अनुभव न होने पर, स्थानीय टैक्सी या अनुभवी लोकल ड्राइवर की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
4. वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज और एक्स्ट्रा नकद (Cash) साथ रखें
मेघालय की सबसे खूबसूरत जगहें जैसे डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज या प्रसिद्ध गुफाएं (Caves) तक पहुंचने के लिए आपको काफी पैदल चलना और ट्रैकिंग करनी पड़ती है। मानसून में इन रास्तों और सीढ़ियों पर काई जम जाती है, जिससे भारी फिसलन होती है। इसलिए सामान्य जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज ही पहनें। इसके अलावा, अंदरूनी इलाकों में नेटवर्क की भारी समस्या के चलते ऑनलाइन पेमेंट (UPI) फेल हो जाते हैं, इसलिए अपने पास पर्याप्त कैश जरूर रखें।
5. एडवांस बुकिंग और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन
मानसून के सीजन में भी मेघालय में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण अच्छे होटल्स और होमस्टे जल्दी फुल हो जाते हैं। ऐन वक्त पर भटकने से बचने के लिए अपनी बुकिंग पहले से कन्फर्म करके ही घर से निकलें। इसके साथ ही मेघालय टूरिज्म और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सेफ्टी रूल्स और हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास नोट करके रखें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।