महंगे होटलों से सस्ते और लोकेशन में सबसे बेस्ट! हिमाचल घूमने का है प्लान तो ऐसे बुक करें सरकारी रेस्ट हाउस, जानें पूरा ऑनलाइन प्रोसेस

महंगे होटलों से सस्ते और लोकेशन में सबसे बेस्ट! हिमाचल घूमने का है प्लान तो ऐसे बुक करें सरकारी रेस्ट हाउस, जानें पूरा ऑनलाइन प्रोसेस

यदि आप शिमला, मनाली, धर्मशाला, स्पीति, किन्नौर, डलहौजी या जिभी जैसे हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर घूमने की योजना बना रहे हैं, तो अक्सर महंगे होटलों और रिसॉर्ट्स का भारी भरकम किराया बजट बिगाड़ देता है। सीजन के दौरान जहां साधारण होटल के कमरों के दाम आसमान छूने लगते हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग (HPPWD), वन विभाग (Forest Rest House - FRH) और जल शक्ति विभाग के सरकारी रेस्ट हाउस पर्यटकों के लिए वरदान साबित होते हैं। ब्रिटिश काल के समय से बनी ये ऐतिहासिक और हेरिटेज संपत्तियां देवदार और चीड़ के घने जंगलों के बीच, शांत वादियों और सबसे खूबसूरत व्यू पॉइंट्स पर स्थित होती हैं। यहां बड़े-बड़े हवादार कमरे, बालकनी से बर्फीले पहाड़ों का नजारा, खुला लॉन और बेहद किफायती दरों पर घर जैसा ताजा पहाड़ी खाना उपलब्ध होता है।

सरकारी रेस्ट हाउस का किराया कितना होता है?

प्राइवेट होटलों की तुलना में सरकारी रेस्ट हाउस में रुकना जेब पर बिल्कुल भारी नहीं पड़ता:

  • पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस (HPPWD Rest House): गैर-हिमाचली घरेलू पर्यटकों के लिए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के कमरे का किराया सामान्यतः ₹1,000 प्रति रात के आसपास होता है, जबकि हिमाचल के स्थानीय निवासियों के लिए यह दर लगभग ₹500 प्रति रात तय है। सर्किट हाउस के लिए यह किराया लोकेशन के अनुसार ₹1,000 से ₹2,000 तक हो सकता है।

  • फॉरेस्ट रेस्ट हाउस (Forest Rest House - FRH): घने जंगलों और अभयारण्यों के बीच स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस का किराया पर्यटकों के लिए लगभग ₹1,000 प्रति रात (प्लस लागू टैक्स) निर्धारित है।

  • केयरटेकर व भोजन व्यवस्था: रेस्ट हाउस में तैनात केयरटेकर या खानसामा मामूली लागत पर पर्यटकों की पसंद के अनुसार ताजा और स्वादिष्ट दाल, सब्जी, रोटी या पहाड़ी व्यंजन बनाकर सर्व करते हैं।

PWD रेस्ट हाउस ऑनलाइन बुक करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

हिमाचल प्रदेश सरकार के 'हिम अतिथि' (Him Atithi) आधिकारिक पोर्टल के जरिए अब कई पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग आम पर्यटकों के लिए खोल दी गई है:

  • स्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट himatithi.nic.in पर जाएं या गूगल प्ले स्टोर से 'Him Atithi' मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।

  • स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए 'Book Rest House (PWD)' विकल्प पर क्लिक करें।

  • स्टेप 3: अपने यात्रा गंतव्य वाले जिले (District) का चयन करें और उपलब्ध रेस्ट हाउस की सूची में से पसंदीदा प्रॉपर्टी चुनें।

  • स्टेप 4: चेक-इन और चेक-आउट की तारीखें दर्ज करें (एक बार में अधिकतम 2 कमरों की बुकिंग की अनुमति होती है)।

  • स्टेप 5: अपना नाम, मोबाइल नंबर, स्थाई पता और वैध सरकारी पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या पासपोर्ट) का विवरण भरें।

  • स्टेप 6: ऑनलाइन भुगतान पूरा करें। पेमेंट सफल होते ही आपके मोबाइल और ईमेल पर बुकिंग कंफर्मेशन स्लिप आ जाएगी, जिसे चेक-इन के समय दिखाना अनिवार्य है।

फॉरेस्ट रेस्ट हाउस (FRH) की ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें?

यदि आप शहर के शोरगुल से दूर घने जंगलों और नेचर ट्रेल्स के बीच रुकना चाहते हैं, तो वन विभाग के रेस्ट हाउस सबसे उपयुक्त हैं:

  • स्टेप 1: हिमाचल प्रदेश इकोटूरिज्म सोसाइटी की आधिकारिक वेबसाइट hpecotourism.com पर जाएं।

  • स्टेप 2: पोर्टल पर 'Book Online / Rest Houses' सेक्शन पर क्लिक करें।

  • स्टेप 3: अपना पसंदीदा सर्किट (जैसे शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा आदि), तारीख और कमरों की संख्या डालकर 'Check Availability' पर क्लिक करें।

  • स्टेप 4: जिस रेस्ट हाउस में कमरा खाली हो, उसका चयन करें और अपनी बेसिक पर्सनल डिटेल्स दर्ज करके ओटीपी सत्यापन करें।

  • स्टेप 5: निर्धारित टैरिफ का ऑनलाइन भुगतान करें और अपनी डिजिटल बुकिंग रसीद डाउनलोड कर लें।

ऑफलाइन बुकिंग और सीधे संपर्क का विकल्प

जिन छोटे कस्बों या सुदूर गांवों के रेस्ट हाउस ऑनलाइन पोर्टल पर लिस्टेड नहीं हैं, उनके लिए ऑफलाइन तरीका आजमाया जा सकता है:

  • डिवीजनल ऑफिस में संपर्क: संबंधित जिले के पीडब्ल्यूडी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) कार्यालय या वन विभाग के डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) कार्यालय के फोन नंबर पर संपर्क करके परमिशन या बुकिंग पर्ची जारी करवाई जा सकती है।

  • ऑन-द-स्पॉट (Walk-in) स्टे: यदि आप किसी ऑफबीट लोकेशन से गुजर रहे हैं और वहां रेस्ट हाउस में कमरे खाली हैं, तो आप सीधे मौके पर जाकर केयरटेकर से बात करके सरकारी पर्ची कटवाकर कमरा ले सकते हैं।

सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • अग्रिम बुकिंग जरूरी: टूरिस्ट सीजन (गर्मियों और बर्फबारी के समय) में रेस्ट हाउस तेजी से भर जाते हैं, इसलिए यात्रा से कम से कम 5 से 15 दिन पहले पोर्टल पर बुकिंग चेक करें।

  • सरकारी अधिकारियों को प्राथमिकता: चूंकि ये प्राथमिक रूप से सरकारी विश्राम गृह हैं, इसलिए किसी अति-विशिष्ट सरकारी दौरे या इमरजेंसी में आधिकारिक प्रोटोकॉल को वरीयता दी जा सकती है।

  • पहचान पत्र साथ रखें: चेक-इन के समय मुख्य अतिथि और साथ रुकने वाले सभी व्यक्तियों का ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

  • शांति और स्वच्छता बनाए रखें: रेस्ट हाउस शांत और प्राकृतिक वातावरण में होते हैं, इसलिए वहां तेज म्यूजिक बजाने, गंदगी फैलाने या परिसर के नियमों का उल्लंघन करने से बचें।

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