मुंबई में दुर्गा पूजा की भव्य धूम: मायानगरी में सजे दिव्य पंडाल

मुंबई में दुर्गा पूजा की भव्य धूम: मायानगरी में सजे दिव्य पंडाल

देश भर में इस समय शक्ति और उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा की धूम पूरे चरम पर है। पश्चिम बंगाल के बाद अगर देश में कहीं दुर्गा पूजा का सबसे भव्य, रंगीन और जीवंत नजारा देखने को मिलता है, तो वह है देश की आर्थिक राजधानी और सपनों का शहर मुंबई (Mumbai)। मायानगरी मुंबई में हर साल की तरह इस बार भी दुर्गा पूजा (Durga Puja 2026) के पावन अवसर पर भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है, जो अपनी कलाकारी, भव्यता और सामाजिक संदेश के लिए देश-विदेश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। महानगर के अलग-अलग इलाकों में स्थापित इन विशाल पंडालों में मां दुर्गा की भव्य और अलौकिक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनके दर्शन के लिए सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। बंगाली समुदाय की पारंपरिक धुन, ढांक की थाप, धुनुची नृत्य और मां के जयकारों से पूरी मुंबई का माहौल इस समय पूरी तरह से भक्तिमय और ऊर्जावान हो चुका है।

मुंबई के वे प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल, जहां सेलिब्रिटीज से लेकर आम जनता का उमड़ता है सैलाब

मुंबई की दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति और सेलिब्रिटी कल्चर का एक अनूठा संगम भी है। शहर के कुछ पंडाल ऐसे हैं जिनका इतिहास दशकों पुराना है और वे अपनी थीम आधारित सजावट (Theme-based Decor) के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। उत्तर मुंबई से लेकर दक्षिण मुंबई तक सजे इन पंडालों में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजिनिक दुर्गा पूजा (North Bombay Sarbojanic Durga Puja) का पंडाल सबसे खास माना जाता है, क्योंकि इस पूजा समिति से बॉलीवुड के कई दिग्गज सितारे, फिल्म निर्माता और जाने-माने कलाकार जुड़े हुए हैं। यहां आने वाले भक्त मां के दर्शन के साथ-साथ अपने पसंदीदा फिल्मी कलाकारों की एक झलक पाने के लिए भी बेताब रहते हैं। पारंपरिक बंगाली वास्तुकला, विशालकाय पंडाल और दूधिया रोशनी से जगमगाते रास्ते इस उत्सव के रोमांच को कई गुना बढ़ा देते हैं।

ऐतिहासिक बॉम्बे दुर्गा पूजा से लेकर लोक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की थीम पर सजे पंडाल

साल 2026 की इस दुर्गा पूजा में मुंबई के पंडालों की एक और खास बात यह देखने को मिल रही है कि कई समितियों ने पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) मूर्तियों और सामग्रियों का उपयोग करके समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। कहीं प्राचीन दक्षिण भारतीय मंदिरों की वास्तुकला को पंडाल का रूप दिया गया है, तो कहीं चंद्रयान या अंतरिक्ष की थीम पर आधुनिक कलाकृतियां उकेरी गई हैं। मुंबई के लोकमान्य तिलक मार्ग, बांद्रा, अंधेरी, जुहू और पवई जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बने इन पंडालों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। अष्टमी और नवमी के दिन इन पंडालों में होने वाली पारंपरिक 'पुष्पांजलि' और शाम की 'आरती' में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग परिवार सहित पहुंचते हैं। बंगाली व्यंजनों के स्टॉल्स और पारंपरिक भोग का आनंद लेना भी इस पंडाल hopping का एक सबसे बड़ा आकर्षण होता है।

पंडाल दर्शन के दौरान रखें इन बातों का ध्यान, मुंबई मेट्रो और लोकल ट्रेनों से आसान हुआ सफर

यदि आप भी इस दुर्गा पूजा के दौरान मुंबई के इन भव्य पंडालों का दीदार करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। भारी भीड़भाड़ और यातायात की समस्याओं से बचने के लिए मुंबई लोकल ट्रेन (Mumbai Local Train) और मेट्रो नेटवर्क का इस्तेमाल करना सबसे बेहतरीन और सुगम विकल्प साबित होगा। अधिकांश प्रमुख पंडाल रेलवे स्टेशनों और मेट्रो रूट्स के बेहद नजदीक स्थित हैं, जिससे रात के समय भी सफर करना सुरक्षित और आसान रहता है। आयोजकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों की खास टीम तैनात की गई है। पांच दिनों तक चलने वाले इस महाउत्सव के दौरान मां दुर्गा की आराधना का यह पवित्र अवसर हर किसी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए, इसी कामना के साथ पूरा शहर उत्सव के रंग में सराबोर नजर आ रहा है।