वेकेशन भूल जाइए! युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है 'स्टेकेशन' का नया क्रेज, जानें क्यों बजट फ्रेंडली है यह ट्रेंड

वेकेशन भूल जाइए! युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है 'स्टेकेशन' का नया क्रेज, जानें क्यों बजट फ्रेंडली है यह ट्रेंड

भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस के वर्क प्रेशर से ब्रेक लेने के लिए लोग अक्सर घूमने का प्लान बनाते हैं। पहले ब्रेक का मतलब सिर्फ 'वेकेशन' होता था, जिसके लिए महीनों पहले से प्लानिंग, भारी-भरकम बजट और लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन आज के समय में, खासकर वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच एक नया शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसे 'स्टेकेशन' (Staycation) कहा जाता है। ट्रैवल इंडस्ट्री में आए इस नए बदलाव ने लोगों के छुट्टियां बिताने के अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है। आइए जानते हैं कि यह नया कॉन्सेप्ट क्या है और यह ट्रेडिशनल वेकेशन से कितना अलग और मजेदार है।

आखिर क्या है स्टेकेशन और यह वेकेशन से कैसे अलग है

सरल शब्दों में कहें तो 'वेकेशन' (Vacation) का मतलब होता है अपने शहर या देश से दूर किसी नए डेस्टिनेशन पर जाकर छुट्टियां बिताना, जिसमें फ्लाइट-ट्रेन की बुकिंग, होटल और साइटसीइंग शामिल होते हैं। इसके विपरीत, 'स्टेकेशन' दो शब्दों 'स्टे' (Stay) और 'वेकेशन' (Vacation) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि आप अपने ही शहर या उसके आसपास के किसी खूबसूरत रिजॉर्ट, बुटीक होटल या होमस्टे में रुकते हैं। इसमें आपको लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती, बल्कि आप एक ही जगह रहकर आराम करते हैं, अच्छा खाना खाते हैं, पूल साइड वक्त बिताते हैं और खुद को रीचार्ज करते हैं।

भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश: क्यों युवाओं को भा रहा है यह कॉन्सेप्ट

आज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) और मिलेनियल्स के बीच स्टेकेशन का क्रेज बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है 'नो ट्रैवल फैटीग' यानी सफर की थकान से आजादी। वीकेंड पर बिना किसी लंबी प्लानिंग के बस बैग पैक किया और शहर के ही किसी शांत कोने में चले गए। इसके अलावा, कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के लिए यह मानसिक शांति (Mental Peace) पाने का सबसे बेस्ट तरीका बन गया है। यहां न तो आपको सुबह जल्दी उठकर टूरिस्ट स्पॉट्स पर भागने की जल्दी होती है और न ही कैब बुक करने की झंझट। बस आराम से सोचना, किताबें पढ़ना या स्पा का आनंद लेना ही इसका मुख्य उद्देश्य होता है।

जेब पर नहीं पड़ता भारी: बजट और समय दोनों की बड़ी बचत

ट्रेडीशनल वेकेशन पर जाने का मतलब है जेब पर एक बड़ा आर्थिक बोझ, लेकिन स्टेकेशन पूरी तरह से बजट फ्रेंडली होता है। चूंकि इसमें महंगे हवाई टिकट या लंबी दूरी के सफर का खर्च शून्य हो जाता है, इसलिए पूरा पैसा सिर्फ एक अच्छे लग्जरी स्टे और लजीज व्यंजनों पर खर्च होता है। समय की कमी से जूझ रहे लोग, जिन्हें ऑफिस से लंबी छुट्टियां नहीं मिलतीं, वे शनिवार और रविवार के 2 दिनों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन स्टेकेशन प्लान कर लेते हैं। सोमवार को वे बिना किसी ट्रैवल हैंगओवर या थकान के बिल्कुल फ्रेश माइंड के साथ दोबारा अपने काम पर लौट आते हैं।

डिजिटल डिटॉक्स और वर्कवेकेशन का भी मिल जाता है मौका

आजकल कई युवा स्टेकेशन का इस्तेमाल 'डिजिटल डिटॉक्स' के लिए कर रहे हैं, जहां वे कुछ समय के लिए सोशल मीडिया और गैजेट्स से दूरी बना लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, 'वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर' करने वाले लोगों के लिए यह 'वर्कवेकेशन' का रूप ले चुका है, जहां वे शहर के किसी आलीशान होटल के शांत माहौल में बैठकर अपना काम भी निपटाते हैं और शाम को वेकेशन का मजा भी लेते हैं। यही वजह है कि होमस्टे, लग्जरी विला और नेचर रिजॉर्ट्स अब युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर विशेष स्टेकेशन पैकेज ऑफर कर रहे हैं।

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