पहाड़ों पर जाने के लिए नहीं हैं पैसे? उत्तर प्रदेश के ये 6 शानदार वॉटरफॉल, खूबसूरती देख हिल स्टेशन जाना भूल जाएंगे आप

पहाड़ों पर जाने के लिए नहीं हैं पैसे? उत्तर प्रदेश के ये 6 शानदार वॉटरफॉल, खूबसूरती देख हिल स्टेशन जाना भूल जाएंगे आप

पहाड़ों की ठंडी हवाएं, ऊंचे-ऊंचे शिखर और वहां से गिरतेकल-कल करते झरने किसे पसंद नहीं होते हैं? जब भी छुट्टियों का नाम आता है, तो अक्सर हमारे दिमाग में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड या कश्मीर जैसी दूरदराज की पहाड़ी जगहों के नाम आते हैं। लेकिन कई बार जेब में बजट कम होने की वजह से या समय की कमी के चलते हम अपना पहाड़ों पर जाने का प्लान रद्द कर देते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ है और आप बिना ज्यादा पैसे खर्च किए प्रकृति की असली गोद में वक्त बिताना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में भी कुदरत ने खूबसूरती का खजाना खोल रखा है। उत्तर प्रदेश को आमतौर पर समतल मैदानों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके दक्षिणी छोर यानी विंध्य और बुंदेलखंड के इलाकों में ऐसे कई जादुई और मनमोहक वॉटरफॉल (झरने) छिपे हैं, जिनकी खूबसूरती किसी भी बड़े हिल स्टेशन को मात दे सकती है। मानसून के इस सुहाने मौसम में इन झरनों का नजारा देखने लायक होता है। आइए आज के इस विस्तृत और रोचक लेख में जानते हैं उत्तर प्रदेश के उन 6 सबसे खूबसूरत और शानदार वॉटरफॉल के बारे में, जहां जाकर आप पहाड़ों की कमी बिल्कुल महसूस नहीं करेंगे।

1. राजदरी और देवदरी वॉटरफॉल (वाराणसी/चंदौली) - प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग

वाराणसी के पास चंदौली जिले में स्थित राजदरी और देवदरी वॉटरफॉल उत्तर प्रदेश के सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय झरनों में गिने जाते हैं। चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य के घने जंगलों के बीच स्थित यह वॉटरफॉल मानसून के दिनों में किसी जन्नत से कम नहीं लगता है। जब चारों तरफ हरी-भरी वादियां और कल-कल बहते पानी की आवाज गूंजती है, तो मन को असीम शांति की अनुभूति होती है। यहां की प्राकृतिक छटा देखकर आपको दक्षिण भारत या उत्तर पूर्व के जंगलों का अहसास होने लगेगा। वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है, जहां आप शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति के करीब कुछ सुकून भरे पल बिता सकते हैं।

2. विंध्याचल का लखनिया दरी (मिर्जापुर) - एडवेंचर और खूबसूरती का अद्भुत संगम

मिर्जापुर जिला अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां का 'लखनिया दरी' वॉटरफॉल ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। चारों तरफ विशाल चट्टानों और हरे-भरे पेड़ों से घिरे इस झरने में जब ऊपर से पानी गिरता है, तो एक अद्भुत नजारा पैदा होता है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको थोड़ा पथरीला रास्ता पार करना पड़ता है, जो इसे एडवेंचर लवर्स के लिए और भी खास बना देता है। मानसून के समय यहां का पानी अपनी पूरी रफ्तार में होता है, जिसे देखकर पर्यटकों का दिल खुशी से झूम उठता है।

3. सिरसी वॉटरफॉल (मिर्जापुर) - बादलों और पानी का अनूठा मिलन

मिर्जापुर की पहाड़ियों में ही स्थित सिरसी वॉटरफॉल भी उत्तर प्रदेश के सबसे शानदार पर्यटन स्थलों में शामिल है। यह झरना लगभग सौ फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, और इसके गिरने से उठने वाली पानी की बूंदें चारों तरफ एक ठंडी और सुहानी हवा का अहसास कराती हैं। बारिश के दिनों में जब आसमान में बादल छाए होते हैं और सिरसी का यह झरना पूरे उफान पर होता है, तो यहां का दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा प्रतीत होता है। कम बजट में प्रकृति के सबसे भव्य रूप को करीब से देखने के लिए यह जगह उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

4. कुंदरा वॉटरफॉल (सोनभद्र) - उत्तर प्रदेश के छिपे हुए खजाने का अद्भुत नजारा

सोनभद्र जिले को उत्तर प्रदेश की 'ऊर्जा की राजधानी' कहा जाता है, लेकिन यह जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है। सोनभद्र के जंगलों और पहाड़ों के बीच छिपा 'कुंदरा वॉटरफॉल' अभी भी कई सैलानियों की नजरों से दूर है, जो इसे और अधिक शांत और आकर्षक बनाता है। यहां की कच्ची पगडंडियां, अछूती वादियां और पानी का शोर उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो भीड़भाड़ से दूर एकांत में वक्त बिताना पसंद करते हैं। मानसून के मौसम में यहां का पानी दूध जैसा सफेद और साफ नजर आता है, जो अपनी तरफ आकर्षित करता है।

5. चुनार का वॉटरफॉल क्षेत्र (मिर्जापुर) - इतिहास और प्रकृति का मेल

ऐतिहासिक चुनार किले के पास स्थित प्राकृतिक जलधाराएं और छोटे-छोटे झरने पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। इतिहास के पन्नों में दर्ज चुनार का यह क्षेत्र जितना अपने प्राचीन किलों के लिए जाना जाता है, उतना ही यह मानसून में अपनी प्राकृतिक हरियाली के लिए भी मशहूर है। जब आप किले की ऊंचाई से आसपास के जंगलों और बहते पानी के नजारों को देखते हैं, तो एक अलग ही किस्म के सुकून का अहसास होता है। इतिहास और प्रकृति का यह मेल उत्तर प्रदेश की यात्रा को बहुत ही समृद्ध और यादगार बना देता है।

6. पूर्वा वॉटरफॉल (रीवा रोड, उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा के पास) - विशालता और भव्यता की मिसाल

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के पास टोंस नदी पर स्थित पूर्वा वॉटरफॉल अपनी विशालता के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। लगभग 70 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरने वाला यह झरना देखने में बेहद भव्य और डरावना दोनों प्रतीत होता है। पानी के गिरने की तेज गड़गड़ाहट दूर से ही सुनाई देने लगती है। मानसून के समय जब टोंस नदी उफान पर होती है, तो पूर्वा वॉटरफॉल का रूप देखने लायक होता है। यहां की विशाल चट्टानें और पानी का बहाव पर्यटकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि उत्तर प्रदेश में भी इतने शानदार और प्राकृतिक झरने मौजूद हैं।

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