राजस्थान में सर्दी का टॉर्चर'हुआ कम, खिलने लगी धूप, लेकिन अभी लापरवाही पड़ेगी भारी
News India Live, Digital Desk: अगर आप पिछले कुछ हफ्तों से रजाई में दुबके बैठे थे और कड़ाके की ठंड को कोस रहे थे, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। मकर संक्रांति के जाते-जाते सूर्य देवता भी मेहरबान हो गए हैं। पूरे राजस्थान में, खासकर जयपुर और शेखावाटी के इलाकों में, जो हडकंप मचाने वाली शीतलहर (Cold Wave) चल रही थी, उसका असर अब कम होता दिख रहा है।
धूप ने दी राहत, चढ़ने लगा पारा
पिछले कुछ दिनों से हम सब देख रहे थे कि सुबह और शाम हाथ-पैर सुन्न हो रहे थे। चुरू, सीकर और फतेहपुर जैसे इलाकों में तो पारा माइनस में या जमाव बिंदु के पास पहुंच गया था। लेकिन, पिछले 24 घंटों में मौसम ने पलटी मारी है। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, प्रदेश में अब न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसका सीधा मतलब यह है कि वो "हड्डी गलाने वाली" ठंड अब नहीं सताएगी। दिन में अच्छी धूप खिलने से लोगों को काफी सुकून मिला है। जयपुर वासी अब पार्कों और छतों पर धूप सेंकते नज़र आ रहे हैं। कोहरा (Fog) भी अब पहले के मुकाबले काफी छठ गया है, जिससे विज़िबिलिटी सुधरी है और यातायात सामान्य हो रहा है।
IMD का नया अलर्ट क्या है?
भले ही अभी धूप खिली हो, लेकिन मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अभी सर्दियों को 'टाटा-बाय-बाय' कहने की गलती न करें। इसे मौसम की विदाई नहीं, बल्कि एक 'ब्रेक' समझिए।
IMD के वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की संभावना है। इसकी वजह से हवाओं का रुख बदलेगा। फिलहाल अगले 3-4 दिनों तक मौसम शुष्क (Dry) रहेगा और तापमान स्थिर रहेगा, जो हमारे लिए अच्छी बात है। दिन में गर्माहट रहेगी, लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा, रातें ठंडी ही रहेंगी।
अभी संभलकर रहने की ज़रुरत
अक्सर ऐसा होता है कि थोड़ी सी गर्मी महसूस होते ही हम स्वेटर और जैकेट उतार फेंकते हैं। डॉक्टर और मौसम विभाग दोनों ही इसे गलत मानते हैं। इसे "गुलाबी ठंड" में तब्दील होने में अभी वक्त है।
खासकर सुबह और देर रात में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना न भूलें। बदलते मौसम में बीमार पड़ने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। तो दोस्तों, धूप का मज़ा लीजिये, तिल के लड्डू खाइए, लेकिन अपनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखिये।