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March 27 2026 04:41 pm

शनि की साढ़े साती से हैं परेशान? हनुमान जी के ये 108 नाम करेंगे हर संकट का दि एंड

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News India Live, Digital Desk : हम भारतीयों का जीवन विश्वास और आस्था पर चलता है। जब सारे रास्ते बंद नजर आते हैं, तो जुबान पर एक ही नाम आता हैहे संकट मोचन, अब तू ही बचा।" और यकीन मानिए, हनुमान जी कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते। आज हम बात कर रहे हैं उनकी पूजा के एक ऐसे बेहद सरल लेकिन असरदार तरीके की, जो शनि के भारी से भारी प्रकोप को भी शांत कर सकता है। वह है हनुमान जी के 108 नामों का पाठ (हनुमान अष्टोत्तर शतनामावली)।

क्यों डरना शनि या बुरे वक्त से?
अक्सर देखा गया है कि जब भी किसी की कुंडली में शनि की साढ़े साती या ढैया शुरू होती है, तो वो इंसान घबरा जाता है। काम बिगड़ने लगते हैं, बेवजह की टेंशन होती है और सेहत साथ छोड़ने लगती है। लेकिन क्या आपको पता है कि शनि देव ने खुद हनुमान जी को वचन दिया था कि "जो तुम्हारी भक्ति करेगा, मैं उसे कभी नहीं सताऊंगा"? बस, यही वो कड़ी है जिसे हमें पकड़ना है।

हनुमान जी के 108 नाम कोई साधारण लिस्ट नहीं हैं। इन नामों में वायुपुत्र की शक्ति, भक्ति और समर्पण छिपा है। 'अंजनीसुत', 'महाबली', 'मारुति' जैसे नाम लेते ही मन में एक अलग सी ऊर्जा आ जाती है।

पाठ करने का सबसे आसान तरीका
आपको इसके लिए कोई बहुत बड़ा आयोजन नहीं करना है। आप अपने घर के मंदिर में ही इसे कर सकते हैं।

  • कब करें? मंगलवार (Tuesday) और शनिवार (Saturday) का दिन इसके लिए बेस्ट माना जाता है। वैसे, आप इसे रोजाना सुबह या सोने से पहले भी पढ़ सकते हैं।
  • कैसे करें? नहा-धोकर साफ कपड़े पहनें। हनुमान जी के सामने एक दीया जलाएं। अगर संभव हो तो लाल फूल चढ़ाएं और फिर शांत मन से उनके 108 नामों का उच्चारण करें। इसमें मुश्किल से 5 से 7 मिनट का समय लगता है।

फायदे जो आपको महसूस होंगे

  1. दिमाग की शांति: अगर आपका मन बहुत भटकता है या डरावने विचार आते हैं, तो यह पाठ मानसिक शांति देता है।
  2. बुरी नजर और डर: जो लोग अक्सर डरते हैं या जिन्हें लगता है कि घर में नेगेटिविटी है, उनके लिए यह राम-बाण उपाय है।
  3. बिगड़े काम बनना: कई बार हम मेहनत तो पूरी करते हैं लेकिन किस्मत साथ नहीं देती। यह पाठ उन अदृश्य रुकावटों को हटाता है।

हमारा सुझाव:
जीवन की दौड़भाग में हम अक्सर ईश्वर को याद करना भूल जाते हैं और फिर मुसीबत आने पर उन्हें पुकारते हैं। इस आदत को बदलिए। हनुमान जी के 108 नामों का जाप अपने डेली रूटीन (Daily Routine) का हिस्सा बना लीजिए। जरूरी नहीं कि आपको संस्कृत आनी चाहिए, बस मन में श्रद्धा होनी चाहिए।

याद रखें, कलयुग में हनुमान जी ही सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं। तो आज से ही अपनी चिंताओं की गठरी उन पर छोड़ दीजिये और बोलिये जय श्री राम, जय हनुमान!