इस साल धनतेरस है शनिवार को, जानें, लोहा खरीदना शुभ होगा या अशुभ? शनिदेव को कैसे करें प्रसन्न
News India Live, Digital Desk: धनतेरस का पावन त्योहार हम सबके जीवन में सुख-समृद्धि और नई चीजों की खरीदारी का उत्साह लेकर आता है. इस दिन सोने, चांदी, पीतल और बर्तनों जैसी चीजें खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे पूरे साल घर में बरकत बनी रहती है. लेकिन इस बार 2025 में एक ऐसा संयोग बन रहा है, जिसे लेकर हर किसी के मन में सवाल उठ रहे हैं: धनतेरस पड़ रहा है शनिवार को. ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या धनतेरस के दिन, जो कि शनिदेव का भी दिन है, लोहे की चीजें खरीदना शुभ रहेगा या अशुभ? और अगर ऐसा है, तो हम शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?
यह जानना वाकई दिलचस्प होगा, क्योंकि अक्सर लोग शनिवार को लोहा खरीदने से बचते हैं.
धनतेरस का महत्व और खरीदारी की परंपरा
धनतेरस का त्योहार भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता को समर्पित है. माना जाता है कि इस दिन जो भी नई चीज घर लाई जाती है, वह तेरह गुना होकर वापस लौटती है, यानी उसमें वृद्धि होती है. इसलिए लोग नई झाड़ू से लेकर नए बर्तन, गहने और वाहन तक खरीदते हैं. मान्यता है कि इससे पूरे साल धन और सुख का आगमन होता है. इस दिन लोग भगवान कुबेर और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करके अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की प्रार्थना करते हैं.
शनिवार और लोहे का संबंध
हमारे हिंदू धर्म में, शनिवार का दिन कर्मफलदाता शनिदेव को समर्पित है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है और वे लोगों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं. अक्सर, शनिवार को लोहा खरीदने या लोहे का दान करने से जुड़ा विशेष महत्व बताया गया है. कुछ लोग मानते हैं कि शनिवार को लोहा नहीं खरीदना चाहिए, क्योंकि इससे शनि का प्रकोप बढ़ सकता है. वहीं कुछ अन्य लोग लोहा दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. इस परंपरा को देखते हुए, धनतेरस 2025 पर जब शनिदेव का दिन पड़ रहा है, लोहे की खरीदारी को लेकर स्वाभाविक रूप से संशय उत्पन्न होता है.
तो क्या धनतेरस पर लोहे की चीजें खरीदें या नहीं?
पंडितों और ज्योतिषविदों का मत इस पर थोड़ा अलग-अलग है. कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि चूंकि धनतेरस अपने आप में एक महाशुभ दिन है, इसलिए इस दिन खरीदारी करने पर तिथि का प्रभाव उतना नकारात्मक नहीं पड़ता. वहीं कुछ विद्वान मानते हैं कि शनिदेव को अप्रसन्न न करने के लिए, धनतेरस पर लोहे से बनी नुकीली या धारदार चीजें खरीदने से बचना चाहिए. हालांकि, यदि आप ऐसी लोहे की चीजें खरीदते हैं, जो दैनिक उपयोग में आती हैं, जैसे कृषि उपकरण, नए बर्तन (जो आमतौर पर अन्य धातुओं के साथ मिश्रित होते हैं), या निर्माण से संबंधित सामान, तो यह उतना वर्जित नहीं है. सबसे अहम बात यह है कि आपकी नीयत कैसी है.
अगर आपके लिए इस दिन लोहा खरीदना अनिवार्य हो, जैसे नया फ्रिज या वॉशिंग मशीन, तो आप लोहे की चीज सीधे न खरीदकर पहले किसी अन्य धातु (जैसे तांबा) का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदें, उसके बाद ही लोहे का सामान खरीदें. यह एक सांकेतिक तरीका है जिससे नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है.
शनिदेव को कैसे करें प्रसन्न?
चूंकि इस साल धनतेरस शनिवार को पड़ रहा है, इसलिए शनिदेव को प्रसन्न रखना और उनका आशीर्वाद पाना और भी जरूरी हो जाता है:
- शनि मंदिर जाएं: धनतेरस के दिन सुबह शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें.
- शनि से संबंधित वस्तुएं दान करें: काला तिल, सरसों का तेल, उड़द दाल, काला कपड़ा या लोहे की वस्तुएं (नई या साफ) किसी जरूरतमंद को दान करें. यह दान शनि के दुष्प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है.
- गरीबों की मदद करें: इस दिन गरीबों और असहायों की मदद करने से शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं, क्योंकि शनिदेव को गरीबों और मेहनती लोगों का देवता माना जाता है.
- पीपल के पेड़ की पूजा: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और परिक्रमा करें.
- बचे लोहे का दान: अगर आप लोहे की चीज खरीदते भी हैं, तो उसी दिन थोड़ा सा लोहा किसी जरूरतमंद को दान कर दें या लोहे से बनी कोई नई चीज दान करें.
अंततः, धनतेरस का दिन शुभता और खुशहाली का दिन है. अपनी श्रद्धा और आस्था पर विश्वास रखते हुए, सही नियमों का पालन करते हुए आप इस त्योहार को मनाएं. इस बार शनिवार को धनतेरस होने से शनिदेव का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा, और मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी