सचिन से 13 साल पहले ही इस महिला ने जड़ दिया था दोहरा शतक, ये 4 क्रिकेट रिकॉर्ड जानकर हैरान रह जाएंगे आप!
जब भी हम क्रिकेट के बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सचिन तेंदुलकर, विवियन रिचर्ड्स या रिकी पोंटिंग जैसे दिग्गजों के नाम आते हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि महिला क्रिकेट, पुरुष क्रिकेट के नक्शेकदम पर चलता है। लेकिन جناب, आज हम आपको कुछ ऐसे हैरान करने वाले सच बताने जा रहे हैं, जो आपकी इस सोच को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।
क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे बड़े कीर्तिमान हैं, जिन्हें पुरुष क्रिकेटरों से सालों पहले महिला क्रिकेटरों ने अपने नाम कर लिया था। यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, बल्कि इस बात का सबूत है कि महिला क्रिकेट हमेशा से ही दमदार रहा है।
1. वनडे में पहला 'दोहरा शतक'
अगर मैं आपसे पूछूं कि वनडे में पहला दोहरा शतक किसने लगाया था, तो शायद आपका जवाब होगा 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर। लेकिन आप गलत हैं!
सचिन ने यह कारनामा साल 2010 में किया था, लेकिन उनसे 13 साल पहले, 1997 में ही ऑस्ट्रेलिया की धाकड़ बल्लेबाज बेलिंडा क्लार्क यह कमाल कर चुकी थीं। उन्होंने डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। जी हां, वनडे में पहले 200 रन बनाने का रिकॉर्ड एक महिला के नाम है।
2. वनडे में पहली बार 400 रनों का पहाड़
आजकल वनडे में 400 रन बनना आम बात हो गई है। ज्यादातर फैंस को 2006 का वो ऐतिहासिक मैच याद है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 434 रन बनाए थे और साउथ अफ्रीका ने उसे चेज कर लिया था। लेकिन पुरुष टीमों के इस कारनामे से लगभग 9 साल पहले, 1997 में ही न्यूजीलैंड की महिला टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 455 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था।
3. पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप
यह जानकर आपको सबसे ज्यादा हैरानी होगी। दुनिया का सबसे पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप पुरुष क्रिकेट का नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट का हुआ था। पुरुषों का पहला वर्ल्ड कप साल 1975 में खेला गया था, जबकि महिलाएं इससे दो साल पहले, 1973 में ही अपना पहला वर्ल्ड कप खेल चुकी थीं।
4. वनडे में शतक और 5 विकेट का 'डबल'
एक ही वनडे मैच में शतक लगाना और 5 विकेट लेना एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। पुरुष क्रिकेट में यह कारनामा करने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में विवियन रिचर्ड्स का नाम आता है। लेकिन उनसे पहले, 1982 में ऑस्ट्रेलिया की एनिड बेकवेल ने एक ही अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक जड़ने के साथ-साथ 5 विकेट भी चटकाए थे।
तो अगली बार जब कोई कहे कि महिला क्रिकेट पुरुष क्रिकेट से पीछे है, तो उन्हें यह ऐतिहासिक तथ्य जरूर बताइएगा। महिला क्रिकेटरों ने हमेशा से ही मैदान पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है, बस जरूरत है कि हम उनकी उपलब्धियों को जानें और सराहें।