ख़राब सामान मिला? दुकानदार नहीं सुन रहा? इस एक सरकारी हेल्पलाइन ने लोगों को वापस दिलाए 2.72 करोड़ रुपये!
ऑनलाइन कुछ मंगाया और डब्बे में निकल गया कुछ और? कोई महंगा सामान ख़रीदा और वह हफ़्ते भर में ही ख़राब हो गया? जब ऐसा होता है तो सबसे पहले हम कस्टमर केयर को फ़ोन लगाते हैं, दुकानदार से शिकायत करते हैं, लेकिन कई बार हमारी सुनवाई नहीं होती। हम थक-हारकर मान लेते हैं कि हमारा पैसा डूब गया।
लेकिन अब ऐसा नहीं है। आपकी मदद के लिए सरकार का एक ऐसा हथियार मौजूद है, जो बिना कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटे आपकी समस्या का समाधान कर रहा है और बड़ी-बड़ी कंपनियों से आपका पैसा वापस दिला रहा है। इस हथियार का नाम है - राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline - NCH)।
कितना ताक़तवर है यह हेल्पलाइन?
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एक हेल्पलाइन ने लोगों की शिकायतें सुनकर कंपनियों से 2.72 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रक़म ग्राहकों को वापस करवाई है। यह कोई छोटा-मोटा आंकड़ा नहीं है। यह दिखाता है कि अगर आप अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाएँ, तो आपकी सुनवाई ज़रूर होती है।
2017 से अब तक इस हेल्पलाइन पर 1.43 करोड़ से ज़्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। अकेले पिछले साल अप्रैल से नवंबर के बीच ही 8 लाख से ज़्यादा लोगों ने अपनी परेशानियाँ यहाँ बताईं।
सबसे ज़्यादा शिकायतें कहाँ से आ रही हैं?
आजकल हम सब सबसे ज़्यादा ख़रीदारी ऑनलाइन करते हैं और सबसे ज़्यादा धोखेधड़ी भी यहीं हो रही है। NCH के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज़्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी हुई हैं। इसके बाद बैंकिंग, टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स का नंबर आता है।
यह हेल्पलाइन आपकी शिकायत को सीधे उस कंपनी तक पहुँचाती है जिसके ख़िलाफ़ आपने शिकायत की है। सरकार ने एक ऐसा ऑनलाइन सिस्टम बनाया है जिससे 470 से ज़्यादा बड़ी-बड़ी कंपनियाँ जुड़ी हुई हैं। जब आपकी शिकायत इन तक पहुँचती है, तो उन पर इसे सुलझाने का दबाव बनता है।
क्या सच में काम बनता है?
आंकड़े बताते हैं कि यहाँ दर्ज होने वाली 58% से ज़्यादा शिकायतों का निपटारा सफलतापूर्वक हो जाता है। यानी हर 10 में से लगभग 6 लोगों की समस्या का समाधान हो जाता है, और वह भी बिना किसी वकील या कोर्ट की फीस के। यह हेल्पलाइन कोर्ट जाने से पहले का पहला और सबसे आसान रास्ता है।
तो अगली बार अगर कोई दुकानदार आपको ख़राब सामान दे, कोई ऑनलाइन कंपनी आपका फ़ोन न उठाए या कोई सेवा देने में आनाकानी करे, तो निराश मत होइए। बस राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराएँ और अपने उपभोक्ता होने की ताक़त को पहचानें।