Bollywood : हीरो पर भारी पड़ गए ये साइड एक्टर्स, जब भी पर्दे पर आए, लूट ले गए पूरी महफिल

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News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड की दुनिया दूर से बहुत चकाचौंध भरी लगती है। हमें लगता है कि पूरी फिल्म का बोझ सिर्फ हीरो और हीरोइन के कंधों पर होता है, और सारी तालियां भी वही बटोर कर ले जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में, सिनेमा का एक नया दौर शुरू हुआ है, जहां कहानी ही असली 'हीरो' है और कुछ दमदार कलाकारों ने यह साबित कर दिया है कि महफिल लूटने के लिए 'हीरो' का टैग जरूरी नहीं है।

ये वो कलाकार हैं जिन्हें हम 'साइड एक्टर' या 'कैरेक्टर आर्टिस्ट' कहते हैं, लेकिन असल में ये फिल्मों की जान होते हैं। इनके बिना फिल्में अधूरी और बेजान लगती हैं। जब भी ये पर्दे पर आते हैं, तो कई बार तो लीड एक्टर से भी ज्यादा तालियां और तारीफें बटोर ले जाते हैं। चलिए मिलते हैं कुछ ऐसे ही अभिनय के 'हीरो' से, जिन्होंने अपने काम से यह साबित कर दिया कि असली स्टारडम किरदार निभाने में है, लीड रोल में आने में नहीं।

 पंकज त्रिपाठी

आज के समय में पंकज त्रिपाठी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। चाहे 'मिर्जापुर' का कालीन भैया हो, 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का सुल्तान कुरैशी, या फिर 'स्त्री' का रुद्र, उन्होंने हर किरदार को इस तरह जिया है कि वो हमेशा के लिए यादगार बन गया। उनकी खासियत है उनका सहज अभिनय। वो जब पर्दे पर आते हैं तो लगता ही नहीं कि एक्टिंग कर रहे हैं। उनके डायलॉग बोलने का अंदाज़, उनकी बॉडी लैंग्वेज और चेहरे के भाव इतने असली होते हैं कि दर्शक उनसे तुरंत कनेक्ट कर जाते हैं। कई फिल्में तो ऐसी हैं जिन्हें लोग सिर्फ पंकज त्रिपाठी के लिए ही देखने गए और उन्होंने कभी निराश नहीं किया।

 दीपक डोबरियाल

"अरे ओ पापी..." यह डायलॉग सुनते ही 'तनु वेड्स मनु' के 'पप्पी जी' का चेहरा आंखों के सामने घूम जाता है। दीपक डोबरियाल वो कलाकार हैं जो किसी भी छोटे से छोटे रोल में अपनी छाप छोड़ जाते हैं। 'हिंदी मीडियम' में एक गरीब पिता के रूप में हों या 'दबंग 2' में गेंदा के किरदार में, उन्होंने हमेशा अपने अभिनय से दर्शकों को हैरान किया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग जितनी लाजवाब है, उतने ही गंभीर किरदारों में भी वे जान डाल देते हैं। वो उन एक्टर्स में से हैं, जिनकी एंट्री होते ही सिनेमा हॉल में एक अलग ही energía आ जाती है।

ये तो सिर्फ दो नाम हैं, इस लिस्ट में शरद केलकर, सिद्धांत चतुर्वेदी, विजय वर्मा और जयदीप अहलावत जैसे कई और कलाकार भी शामिल हैं। इन अभिनेताओं ने बॉलीवुड के इस नियम को तोड़ दिया है कि फिल्म सिर्फ एक हीरो के दम पर चलती है। उन्होंने यह दिखा दिया है कि अगर आपके अभिनय में दम है, तो रोल चाहे छोटा हो या बड़ा, आप दर्शकों के दिलों पर राज कर सकते हैं।

ये कलाकार आज के दौर के असली 'हीरो' हैं, जो कहानी को और किरदारों को पर्दे पर जिंदा करते हैं।