पटना मेट्रो का इंतज़ार खत्म भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच जल्द दौड़ेगी ट्रेन जानें कब शुरू होगा सफर
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पटना मेट्रो (Patna Metro) के पहले फेज का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रायोरिटी कॉरिडोर (Priority Corridor) के तहत भूतनाथ रोड से मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो परिचालन की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और जल्द ही इस रूट पर ट्रायल रन शुरू होने की संभावना है।
प्रायोरिटी कॉरिडोर: क्या है लेटेस्ट अपडेट?
पटना मेट्रो का कॉरिडोर-2 (पटना जंक्शन से न्यू ISBT) शहर के सबसे व्यस्त इलाकों को जोड़ता है। इसमें भूतनाथ से मलाही पकड़ी का हिस्सा एलिवेटेड (Elevated) है, जिस पर काम लगभग पूरा हो चुका है।
ट्रैक और फिनिशिंग: भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशनों पर ट्रैक बिछाने और फिनिशिंग का काम 95% से अधिक पूरा हो चुका है।
स्टेशनों का स्वरूप: इन स्टेशनों पर एस्केलेटर, लिफ्ट और यात्री सुविधाओं के इंस्टॉलेशन का काम आखिरी दौर में है।
बिजली और सिग्नलिंग: ओएचई (Overhead Equipment) और सिग्नलिंग सिस्टम की टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिचालन की संभावित समयसीमा (Timeline)
मेट्रो प्रशासन (PMRC) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अधिकारियों के अनुसार:
ट्रायल रन: मई 2026 के मध्य तक इस छोटे स्ट्रेच पर 'ट्रायल रन' शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीआरएस इंस्पेक्शन: ट्रायल के सफल होने के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS) का निरीक्षण होगा।
कमर्शियल रन: यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जून 2026 के अंत या जुलाई की शुरुआत तक आम जनता इस रूट पर सफर कर सकेगी।
इन इलाकों के लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो शुरू होने से कंकड़बाग और बाईपास के आसपास रहने वाले हजारों लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी:
मलाही पकड़ी: यहां से कंकड़बाग के मुख्य इलाकों तक पहुंच आसान होगी।
भूतनाथ: बाईपास रोड पर लगने वाले भारी जाम से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
खेमनीचक: यह स्टेशन इंटरचेंज के रूप में विकसित हो रहा है, जो भविष्य में कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 को जोड़ेगा।
पटना मेट्रो की मुख्य विशेषताएं
किराया: दिल्ली और लखनऊ मेट्रो की तर्ज पर ही न्यूनतम और अधिकतम किराया तय होने की उम्मीद है।
स्मार्ट कार्ड: यात्रियों के लिए 'नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड' (NCMC) की सुविधा होगी, जिससे देश के अन्य शहरों की मेट्रो में भी सफर किया जा सकेगा।
फीडर बसें: स्टेशनों से घर तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक फीडर बसों और ई-रिक्शा के लिए विशेष पार्किंग जोन बनाए गए हैं।