दिल्ली में भाजपा सरकार बनने की संभावना, आप में विपक्ष के नेता को लेकर मंथन जारी

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दिल्ली में अगले हफ्ते तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने की संभावना है। दूसरी ओर, इस बार विपक्ष में बैठने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) में यह चर्चा तेज हो गई है कि दिल्ली विधानसभा में विपक्ष का नेता कौन होगा।

इस रेस में कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी, पूर्व मंत्री गोपाल राय, चार बार के बुराड़ी विधायक संजीव झा और तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह सबसे आगे चल रहे हैं। AAP के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

कौन होगा दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष?

AAP के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “विपक्ष के नेता का नाम अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन आतिशी, गोपाल राय, संजीव झा और जरनैल सिंह इस पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार हैं। जैसे ही अंतिम फैसला होगा, इसका आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।”

हाल ही में संपन्न दिल्ली विधानसभा चुनावों में AAP को करारा झटका लगा। भाजपा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता पर वापसी की और 48 सीटें हासिल कीं, जबकि AAP को सिर्फ 22 सीटें मिलीं।

विपक्ष के नेता की रेस में सबसे आगे कौन?

1. आतिशी (कालकाजी विधायक)

  • आतिशी ने कालकाजी विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
  • सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री बनने से पहले वह AAP सरकार में वित्त, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा और योजना सहित 18 विभागों की मंत्री थीं।
  • 9 फरवरी को चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनी हुई हैं।

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2. गोपाल राय (बाबरपुर विधायक)

  • गोपाल राय बाबरपुर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विजयी हुए हैं।
  • 2015 से दिल्ली सरकार में मंत्री रहे हैं और उन्होंने परिवहन, पर्यावरण और विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाला है।
  • AAP के वरिष्ठतम विधायकों में से एक हैं और दिल्ली इकाई के संयोजक भी हैं।
  • पार्टी उन्हें एक बेहतरीन वक्ता मानती है, जो विधानसभा में भाजपा के खिलाफ मजबूती से विपक्ष की भूमिका निभा सकते हैं।

3. संजीव झा (बुराड़ी विधायक)

  • संजीव झा लगातार चौथी बार बुराड़ी से विधायक चुने गए हैं।
  • संगठन में उनका मजबूत पकड़ है और ग्राउंड-लेवल पर पार्टी को संगठित रखने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

4. जरनैल सिंह (तिलक नगर विधायक)

  • जरनैल सिंह भी लगातार चौथी बार तिलक नगर से विधायक बने हैं।
  • वह AAP की सिख समुदाय में मजबूत पकड़ वाले नेताओं में गिने जाते हैं।

केजरीवाल-सिसोदिया की हार ने बढ़ाई मुश्किलें

AAP के एक वरिष्ठ विधायक ने कहा, “अगर अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया चुनाव जीतते, तो वे विपक्ष के नेता के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प होते। लेकिन दोनों ही अपनी-अपनी सीटें (नई दिल्ली और जंगपुरा) हार गए हैं।”

अब देखना यह होगा कि AAP किसे दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुनती है और वह भाजपा सरकार के खिलाफ कितनी प्रभावी विपक्षी भूमिका निभा पाते हैं।