इंसानियत शर्मसार! डिलीवरी के दौरान फटी बच्चेदानी, खून रोकने के लिए नर्स ने अंदर ठूंस दिया कपड़ा
एक माँ के लिए बच्चे को जन्म देना ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत पल होता है। वह नौ महीने की हर तकलीफ इस उम्मीद में सहती है कि वह अपनी संतान को सुरक्षित इस दुनिया में लाएगी। लेकिन हरियाणा के मेवात (नूंह) में एक महिला के लिए यही पल एक खौफनाक सपना बन गया। अस्पताल की लापरवाही की यह कहानी इतनी भयावह है कि सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी।
क्या है यह दिल दहला देने वाली घटना?
यह दर्दनाक मामला मेवात के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का है, जहाँ एक महिला डिलीवरी के लिए भर्ती हुई थी। प्रसव के दौरान, कोई गंभीर जटिलता हुई और महिला की बच्चेदानी फट गई (Uterus Rupture), जिससे बहुत ज़्यादा खून बहने लगा। ऐसी स्थिति में मरीज़ की जान बचाने के लिए तुरंत मेडिकल सहायता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की ज़रूरत होती है।
लेकिन उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने जो किया, वह लापरवाही नहीं, बल्कि किसी गुनाह से कम नहीं है।
जब 'इलाज' बन गया और बड़ा 'ज़ख्म'
जब नर्स से महिला का खून बहना बंद नहीं हुआ, तो उसने अपनी गलती या स्थिति की गंभीरता को छिपाने के लिए एक ऐसा अमानवीय काम किया, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। उसने बहते खून को रोकने के लिए महिला के प्राइवेट पार्ट के अंदर एक कपड़ा ठूंस दिया और इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया।
इसके बाद, महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। वह दर्द से तड़पती रही, लेकिन नर्स और बाकी स्टाफ मामले को छिपाते रहे। जब स्थिति काबू से बाहर हो गई, तो उन्होंने महिला को आनन-फानन में एक दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया।
कैसे खुला यह भयानक राज?
जब महिला को बड़े अस्पताल में ले जाया गया और डॉक्टरों ने उसकी जांच की, तो उनके भी होश उड़ गए। महिला के शरीर के अंदर से वो कपड़ा निकला, जो उसकी बिगड़ती हालत और इंफेक्शन की असली वजह था। यह देखकर परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
यह घटना सिर्फ एक नर्स की गलती नहीं है, बल्कि यह हमारे हेल्थकेयर सिस्टम पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है, जहाँ एक महिला की ज़िंदगी को इस तरह दांव पर लगा दिया गया। फिलहाल, मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी नर्स को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन सवाल यह है कि उस माँ के शारीरिक और मानसिक ज़ख्मों को कौन भरेगा, जिसे ज़िंदगी के सबसे खुशी के दिन, ज़िंदगी का सबसे बड़ा दर्द झेलना पड़ा?