साढ़ेसाती और ढैय्या का सबसे मुश्किल दौर ,2026 में इन 3 राशियों पर टूटेगा शनि का कहर

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News India Live, Digital Desk: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना गया है. हर व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या का सामना करना ही पड़ता है. जब शनि किसी राशि पर अपना प्रभाव डालते हैं, तो उस व्यक्ति के जीवन में बड़ी उथल-पुथल मच जाती है. उसे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक, हर तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

वर्तमान में जहां कुछ राशियों पर शनि का प्रकोप चल रहा है, वहीं कुछ राशियां ऐसी हैं जिन पर जल्द ही शनि की टेढ़ी नजर पड़ने वाली है. ज्योतिष गणना के अनुसार, 29 मार्च 2026 को शनि देव अपना राशि परिवर्तन करेंगे और मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. शनि के इस बड़े गोचर के साथ ही 3 राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का मुश्किल दौर शुरू हो जाएगा. आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वे भाग्यहीन राशियां और उन्हें अभी से क्या उपाय शुरू कर देने चाहिए.

2026 में किन राशियों पर शुरू होगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या?

  1. मेष (Aries): 29 मार्च 2026 को जैसे ही शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, इस राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा. यह चरण थोड़ा कष्टकारी माना जाता है. मेष राशि वालों को इस दौरान मानसिक तनाव, अज्ञात भय, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बनते हुए कामों में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है.
  2. कर्क (Cancer): शनि के मेष राशि में गोचर करते ही कर्क राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी. ज्योतिष में इसे 'अष्टम ढैय्या' भी कहते हैं, जो काफी पीड़ादायक मानी जाती है. इस दौरान कर्क राशि वालों को अपने करियर में बाधाओं, परिवार में कलह और स्वास्थ्य में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है. धन हानि के भी योग बन सकते हैं.
  3. वृश्चिक (Scorpio): कर्क राशि की तरह ही, वृश्चिक राशि के जातकों पर भी शनि के इस गोचर के साथ ही शनि की ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाएगा. वृश्चिक राशि वालों के लिए यह 'कंटक ढैय्या' होगी. उन्हें भी इस अवधि में अपनी सेहत, नौकरी और रिश्तों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी. वाद-विवाद से दूर रहना उनके लिए अच्छा रहेगा.

शनि के प्रकोप से बचने के लिए आज से ही शुरू कर दें ये 5 अचूक उपाय

अगर आपकी राशि भी इन तीनों में से एक है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. शनि देव कर्मों के अनुसार फल देते हैं, इसलिए अच्छे कर्म और कुछ ज्योतिषीय उपाय करके आप उनके बुरे प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं.

  1. हनुमान जी की शरण में जाएं: शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शनि के प्रकोप से बचने का सबसे उत्तम उपाय है. हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते.
  2. शनि देव को तेल चढ़ाएं: हर शनिवार को शाम के समय किसी शनि मंदिर में जाकर शनि देव की मूर्ति पर सरसों का तेल चढ़ाएं और काले तिल अर्पित करें.
  3. शनि मंत्र का जाप करें: প্রতিদিন "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और मन को शांति मिलती है.
  4. छाया दान करें: शनिवार के दिन एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरें, उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख दें. इसे 'छाया दान' कहते हैं.
  5. असहायों की मदद करें: शनि देव न्याय के देवता हैं और उन्हें गरीबों, असहायों और मेहनतकश लोगों की सेवा करने वाले बहुत प्रिय हैं. आप अपने सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को काले कपड़े, काले जूते, छाता या भोजन का दान करें. कभी भी किसी कमजोर या अपने से नीचे काम करने वाले व्यक्ति का अपमान न करें.

इन उपायों को नियमित रूप से करने से शनि देव की कृपा आप पर बनी रहेगी और आने वाले मुश्किल समय का प्रभाव काफी कम हो जाएगा.