भारत से उड़ने वाली सबसे लंबी नॉन-स्टॉप फ्लाइट, 16 घंटे हवा में बिना रुके भरती है उड़ान, जानिए किस देश में होती है लैंडिंग
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: भारत से विदेशों के लिए लंबी दूरी की उड़ानें आम बात हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप उड़ान कौन सी है? यह एक ऐसा हवाई सफर है जिसमें विमान 16 घंटे से भी ज्यादा समय तक आसमान में रहता है और इस दौरान ईंधन भरने के लिए भी कहीं नहीं रुकता। यह उड़ान भारत के उड्डयन क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, जो इंजीनियरिंग और नेविगेशन की एक मिसाल पेश करती है।
इस अमेरिकी शहर तक है सीधी पहुंच
यह असाधारण रूप से लंबी नॉन-स्टॉप उड़ान सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के कैलिफोर्निया राज्य में स्थित ‘सिटी ऑफ गोल्डेन गेट’ यानी सैन फ्रांसिस्को (San Francisco) के लिए संचालित होती है। यह हवाई मार्ग भारत के एविएशन इतिहास का सबसे लंबा और सबसे अधिक दूरी तय करने वाला एयर-रूट माना जाता है, जो दो महाद्वीपों को सीधे जोड़ता है।
जानिए उड़ान से जुड़ी खास बातें
यह प्रतिष्ठित नॉन-स्टॉप सेवा देश के दो प्रमुख तकनीकी हब, बेंगलुरु (BLR) और मुंबई (BOM), से सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट (SFO) के लिए उपलब्ध है। विशेष रूप से, बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को के बीच की हवाई दूरी लगभग 14,015 किलोमीटर (8,708 मील) है, जो इसे भारत से संचालित होने वाला सबसे लंबा हवाई मार्ग बनाती है।
आमतौर पर इस हवाई यात्रा को पूरा करने में 15 घंटे 35 मिनट से लेकर 16 घंटे तक का समय लग जाता है। हालांकि, मौसम और हवा की दिशा, जिसे ‘जेट स्ट्रीम’ (Jet Stream) कहते हैं, के आधार पर कभी-कभी उड़ान का वास्तविक समय 17 घंटे को भी पार कर जाता है। इस अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल रूट पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया (Air India) अपने बेड़े के विशेष विमानों जैसे बोइंग 777-200LR का इस्तेमाल करती है, जो इतनी लंबी दूरी तय करने के लिए ही डिजाइन किए गए हैं।
ये है उड़ान का खास हवाई रास्ता
इस उड़ान का सबसे दिलचस्प पहलू इसका हवाई मार्ग है। यह विमान अटलांटिक या हिंद महासागर के पारंपरिक रास्ते के बजाय सीधे प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के ऊपर से उड़ान भरता है। पायलट ऐसा इसलिए करते हैं ताकि विमान को ‘टेलविंड्स’ यानी अनुकूल हवाओं का फायदा मिल सके। इससे न केवल विमान का कीमती ईंधन बचता है, बल्कि यात्रा की अवधि भी घट जाती है। वहीं, वापसी की यात्रा, यानी सैन फ्रांसि-स्को से बेंगलुरु का सफर, प्रतिकूल हवाओं (Headwinds) के कारण अक्सर लंबा हो जाता है और इसमें करीब 18 घंटे तक लग सकते हैं।