नीट की तैयारी करने वालों के लिए सोने पर सुहागा, बिहार में बढ़ रहीं MBBS की सीटें, अब डॉक्टर बनने का सपना होगा आसान
News India Live, Digital Desk: अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और दिन-रात 'नीट' (NEET) की तैयारी में जुटे हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ले आएगी। बिहार में मेडिकल की पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले छात्रों के लिए एक बहुत अच्छी अपडेट आई है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (MBBS) की सीटों को लगभग 30% तक बढ़ाने की तैयारी चल रही है।
छात्रों को कैसे मिलेगा इसका फायदा?
हम सब जानते हैं कि नीट की परीक्षा में एक-एक नंबर की कितनी वैल्यू होती है। कभी-कभी महज़ कुछ अंकों की वजह से सरकारी कॉलेज हाथ से निकल जाता है और छात्रों को भारी-भरकम फीस वाले प्राइवेट कॉलेजों की तरफ रुख करना पड़ता है। लेकिन अगर सीटों में यह 30% की बढ़ोतरी हो जाती है, तो इसका सीधा मतलब है कि अब ज्यादा छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जगह मिल पाएगी।
बिहार के स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम
बताया जा रहा है कि बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला ले रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने और पुराने कॉलेजों में क्षमता बढ़ाए जाने से न सिर्फ एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी, बल्कि पीजी (Post Graduation) करने वाले छात्रों के लिए भी आने वाले समय में रास्ते खुलेंगे।
तैयारी करने वालों के लिए राहत की सांस
बिहार के मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। सालों-साल पटना या कोटा में रहकर तैयारी करने वाले छात्रों के ऊपर एक मानसिक दबाव होता है। सीटों में बढ़ोतरी से कट-ऑफ (Cut-off) में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जागती है, जिससे संघर्ष कर रहे उम्मीदवारों को नई ऊर्जा मिलेगी।
अभी आपको क्या करना चाहिए?
खबर अच्छी है, लेकिन कॉम्पिटिशन अभी भी कम नहीं होने वाला। सीटें बढ़ने से उन छात्रों की उम्मीद बढ़ जाती है जो बिल्कुल किनारे (Borderline) पर रह जाते हैं। इसलिए अपनी मेहनत में कमी न आने दें। यह साल बिहार के उन हजारों मेधावी छात्रों के लिए किस्मत बदलने वाला हो सकता है जो सफेद कोट पहनने और स्टेथोस्कोप लगाने का सपना देखते हैं।
उम्मीद है कि सरकार का यह फैसला जल्द ही अमलीजामा पहन लेगा और आने वाली नीट की काउंसिलिंग में छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।