आधार कार्ड की फोटोकॉपी देने का झंझट खत्म! सरकार ला रही है नया नियम, अब ऐसे होगा वेरिफिकेशन

Post

होटल में चेक-इन करते वक्त, सिम कार्ड लेते समय या किसी इवेंट में एंट्री के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी देना अब जल्द ही बीती बात होने वाली है. सरकार एक ऐसा नया नियम लाने की तैयारी में है, जिससे न सिर्फ आपकी प्राइवेसी पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित होगी, बल्कि आपकी ज़िंदगी भी आसान हो जाएगी. अब किसी को भी आपके आधार कार्ड की कागज़ी फोटोकॉपी रखने का अधिकार नहीं होगा, क्योंकि यह गैर-कानूनी है.

क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

अब तक कई जगहों पर हमसे आधार कार्ड की फोटोकॉपी मांगी जाती थी. यह कॉपियां कहां जाती हैं, कैसे रखी जाती हैं, और इनका कोई गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा, यह एक बड़ी चिंता का विषय था. UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने साफ किया है कि आधार की फोटोकॉपी रखना आधार अधिनियम का उल्लंघन है और इसी डेटा लीक के खतरे को खत्म करने के लिए पूरी प्रक्रिया को अब डिजिटल किया जा रहा है.

तो अब वेरिफिकेशन होगा कैसे?

फोटोकॉपी की जगह अब एक नई और सुरक्षित डिजिटल वेरिफिकेशन तकनीक का इस्तेमाल होगा. होटल, इवेंट ऑर्गेनाइजर या किसी भी ऐसी संस्था को, जिसे वेरिफिकेशन की जरूरत है, अब एक नए सिस्टम पर खुद को रजिस्टर करना होगा. इसके बाद वेरिफिकेशन के दो मुख्य तरीके होंगे:

  1. QR कोड स्कैनिंग: आपके आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके तुरंत वेरिफिकेशन पूरा कर लिया जाएगा.
  2. नया आधार मोबाइल ऐप: UIDAI एक नए मोबाइल ऐप का भी परीक्षण कर रहा है, जिससे वेरिफिकेशन और भी आसान हो जाएगा.

UIDAI का नया ऐप: और भी स्मार्ट और सिक्योर

यह नया ऐप कई मामलों में बहुत खास होने वाला है. यह हर बार वेरिफिकेशन के लिए सेंट्रल सर्वर से जुड़े बिना ऐप-टू-ऐप वेरिफिकेशन कर सकेगा. इसका मतलब है कि यह बहुत तेज़ और सुरक्षित होगा. इस ऐप का इस्तेमाल एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए या उन दुकानों पर उम्र की पुष्टि के लिए किया जा सकेगा, जहां सामान खरीदने के लिए एक न्यूनतम आयु की जरूरत होती है.

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

इस नए नियम और ऐप से आम जनता को कई बड़े फायदे होंगे:

  • डेटा सुरक्षित: अब आपको यह चिंता करने की जरूरत नहीं होगी कि आपकी आधार की फोटोकॉपी का कोई गलत इस्तेमाल हो सकता है. आपका डेटा लीक या चोरी होने का खतरा लगभग खत्म हो जाएगा.
  • सुविधा: बार-बार आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने और उसे अपने साथ लेकर घूमने का झंझट खत्म होगा. आपके मोबाइल फोन से ही सारा काम हो जाएगा.
  • प्राइवेसी पर कंट्रोल: आपकी निजी जानकारी अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित रहेगी, क्योंकि कोई भी उसे कागज़ पर स्टोर करके नहीं रख पाएगा.
  • आसान अपडेट: इस ऐप के ज़रिए आप अपना अपडेटेड एड्रेस प्रूफ भी आसानी से अपलोड कर पाएंगे.

यह बदलाव सरकार के आने वाले डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का भी समर्थन करता है, जो आपकी निजी जानकारी को और मजबूती देगा. यह डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम है, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों को एक साथ लेकर आ रहा है.