उत्तराखंड के मौसम का अजब मिजाज! मानसून ने कहा ‘बाय-बाय’, पर बारिश अभी भी तीन दिन नहीं छोड़ेगी पीछा
उत्तराखंड से मानसून की विदाई की आधिकारिक घोषणा तो हो चुकी है। मौसम विभाग ने कह दिया है कि मानसून अब लौट चुका है, लेकिन ऐसा लगता है कि पहाड़ों का मौसम इतनी आसानी से पीछा नहीं छोड़ने वाला है।
भले ही मानसून ने कागजों पर ‘एग्जिट’ ले लिया हो, लेकिन असलियत में प्रदेश के कई इलाकों में अगले तीन दिनों तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने बाकायदा इसके लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है।
तो अब बारिश क्यों हो रही है?
अब जो बारिश होगी, वह मानसूनी नहीं होगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है और उसे बंगाल की खाड़ी से भी नमी मिल रही है। इन दोनों के गठजोड़ का नतीजा यह है कि मानसून के जाने के तुरंत बाद भी प्रदेश में बारिश का एक और स्पेल देखने को मिल रहा है।
इन इलाकों के लोग रहें सावधान
यह बारिश पूरे उत्तराखंड में एक जैसी नहीं होगी।
- कुमाऊं में ज्यादा असर: 30 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक, खासकर कुमाऊं मंडल के जिलों जैसे नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
- गढ़वाल में हल्की फुहारें: गढ़वाल मंडल के जिलों जैसे देहरादून, पौड़ी और टिहरी में भी बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन यहां कुमाऊं जितनी तेज बारिश की संभावना नहीं है।
कब साफ होगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 अक्टूबर से मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क होना शुरू हो जाएगा। उसके बाद प्रदेश में खिली हुई धूप देखने को मिलेगी और ठंड हल्की दस्तक देना शुरू कर देगी।
तो अगर आप इन दिनों उत्तराखंड में घूमने का प्लान बना रहे हैं या पहाड़ों में रहते हैं, तो अगले 2-3 दिन अपनी योजनाओं को मौसम का हाल देखकर ही बनाएं। छाता और गर्म कपड़े साथ रखना बिल्कुल न भूलें!