तनीषा मुखर्जी ने बचपन की यादें साझा कीं, बोलीं— “काश मेरी मां वर्किंग वुमन न होतीं”

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बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल की बहन तनीषा मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने बचपन और अपनी मां तनुजा के साथ रिश्ते को लेकर कई खुलासे किए। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां के कामकाजी होने की वजह से वे उनसे दूर महसूस करती थीं और काश उनकी मां वर्किंग वुमन न होतीं।

“काश मेरी मां वर्किंग वुमन नहीं होतीं”

Hautterfly को दिए एक इंटरव्यू में तनीषा मुखर्जी ने कहा,

“मेरी मां को परिवार को आर्थिक रूप से सपोर्ट करने के लिए काम करना पड़ा। जब मेरा जन्म हुआ, तब हमारे पास ज्यादा पैसे नहीं थे। मेरी मां हर दिन दो से तीन शिफ्ट में काम करती थीं, जिससे मैं उन्हें बहुत कम देख पाती थी।”

तनीषा ने आगे बताया कि अपनी मां के करीब रहने के लिए वह उनके कमरे में सोती थीं।

“एक महिला को अपने बच्चे के साथ रहना चाहिए”

तनीषा मुखर्जी का मानना है कि एक मां ही अपने बच्चे की सही परवरिश कर सकती है और यह काम कोई नैनी या स्कूल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा,

“मुझे लगता है कि एक मां को अपने बच्चों के साथ घर पर रहना चाहिए। वही अपने बच्चे को सही तरीके से सिखा और पाल सकती है। बच्चे को वह पोषण सिर्फ मां ही दे सकती है, जो उसे चाहिए। स्कूल, नैनी या मेड से यह संभव नहीं है।”

उन्होंने कहा कि वह इस सोच की समर्थक नहीं हैं कि बच्चे को घर पर छोड़कर मां को काम पर जाना चाहिए।

“अब भी अपनी मां से चिपकी रहती हूं”

तनीषा ने यह भी बताया कि बचपन में मां की कमी महसूस करने के कारण आज भी वह अपनी मां से बहुत जुड़ी हुई हैं।

“मुझे अकेले रहने की आदत नहीं है, इसलिए जब भी मेरी मां मेरे साथ होती हैं, मैं उन्हें अकेला नहीं छोड़ती। मैं अब भी अपनी मां से चिपकी रहती हूं।”

मां तनुजा का करियर और संघर्ष

तनीषा की मां तनुजा बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा रही हैं। उन्होंने “ज्वेल थीफ,” “हाथी मेरे साथी” और “मेरे जीवन साथी” जैसी हिट फिल्मों में काम किया। उस दौर में एक सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने अपनी बेटियों काजोल और तनीषा की परवरिश के लिए काफी मेहनत की।

तनीषा के इस बयान ने वर्किंग मदर्स और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। उनकी सोच पर कई लोग सहमत होंगे तो कई इससे असहमति जता सकते हैं।