ताजमहत, हिमालय और अजंता राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर जानिए वो 7 जगहें जो बताती हैं कि भारत महान क्यों है
News India Live, Digital Desk : हर साल 25 जनवरी को देश में 'राष्ट्रीय पर्यटन दिवस' (National Tourism Day) मनाया जाता है। इस दिन का मकसद है कि लोग देश की शानदार संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को जानें और पर्यटन को बढ़ावा दें। भारत केवल मंदिर-मस्जिदों या पहाड़ों का देश नहीं है, यह अनुभवों का देश है।
यहां कुछ ऐसे शानदार हेरिटेज एक्सपीरियंस (विरासत अनुभव) हैं, जो हमारी सदियों पुरानी विरासत को आज भी जिंदा रखे हुए हैं। इन अनुभवों को बिना जीये भारत का सफर पूरा नहीं होता:
1. मुगलों के प्रेम और शौर्य को देखना (आगरा-दिल्ली)
- अनुभव: पत्थरों पर उकेरी गई बारीक कारीगरी, विशाल गुंबद और संतुलित वास्तुकला हमें भारतीय और फारसी कला के शानदार संगम से रूबरू कराती है।
2. आध्यात्मिक मुक्ति की गंगा यात्रा (बनारस)
- अनुभव: गंगा आरती, घाटों की प्राचीन सभ्यता, सुबह-सुबह नौका विहार, और गलियों में मिलने वाले ज्ञान और भक्ति की अनूठी झलक यहाँ मिलती है। यह शांति और कोलाहल का दुर्लभ मिश्रण है।
3. रेगिस्तान का भव्य गौरव (राजस्थान के किले)
- अनुभव: थार रेगिस्तान की कठोर ज़मीन पर इन भव्य किलों की यात्रा हमें भारत के शाही इतिहास, ज़बरदस्त सैन्य वास्तुकला और शानदार दरबारी जीवन को जानने का मौका देती है।
4. अजंता एलोरा की प्राचीन रॉक-कट कला (महाराष्ट्र)
- अनुभव: ये गुफाएं हजारों साल पुरानी हैं और पत्थर काटकर बनाई गई हैं। इनकी वास्तुकला इतनी शानदार है कि यह सदियों बाद भी इंजीनियरिंग और कला का नमूना है।
5. हिमालय की अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा (उत्तराखंड)
- अनुभव: पहाड़ों, घाटियों और पवित्र नदियों के बीच पैदल यात्रा, भक्ति की भावना और मन को शांत करने वाला प्राकृतिक सौंदर्य यहाँ मिलता है।
6. दक्षिण का चोल साम्राज्य (तमिलनाडु के मंदिर)
- अनुभव: गोपुरम (भव्य प्रवेश द्वार) और मंदिर के खंभों पर की गई सूक्ष्म नक्काशी, दक्षिण भारत की समृद्ध मंदिर परंपरा और द्रविड़ वास्तुकला के दर्शन कराती है।
7. खान-पान की रंगारंग संस्कृति
- अनुभव: उत्तर के छोले-भटूरे से लेकर दक्षिण की इडली-डोसा, और पूर्व के मछुआरे के व्यंजनों से लेकर पश्चिम के राजस्थानी थाली तक, यहाँ हर स्वाद में विरासत का अहसास होता है। यह सिर्फ खाना नहीं, बल्कि स्थानीय परंपराओं का स्वाद है।