सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की अस्थायी रिहाई पर याचिका खारिज की

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की बार-बार अस्थायी रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) द्वारा दायर की गई थी, जिसमें हरियाणा सरकार द्वारा राम रहीम को लगातार पैरोल दिए जाने पर आपत्ति जताई गई थी।

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कोर्ट का फैसला

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह याचिका व्यापक जनहित के बजाय केवल एक व्यक्ति के खिलाफ केंद्रित है, इसलिए इस पर विचार नहीं किया जाएगा। अदालत ने कहा, “हम इस याचिका पर सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं।”

राम रहीम की बार-बार पैरोल पर सवाल

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह अपने दो शिष्यों के साथ बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं। SGPC ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (अस्थायी रिहाई) अधिनियम, 2022 की धारा 11 का दुरुपयोग कर रही है और बार-बार राम रहीम को पैरोल देकर उसे अनुचित लाभ दे रही है।

बार-बार मिली रिहाई पर विवाद

2020 से अब तक राम रहीम को 12 बार जेल से अस्थायी रूप से रिहा किया जा चुका है।

  • जनवरी 2024: लोकसभा चुनाव से पहले 50 दिन की रिहाई
  • अक्टूबर 2023: हरियाणा विधानसभा चुनाव से 3 दिन पहले 20 दिन की पैरोल
  • जुलाई 2023: हरियाणा पंचायत चुनाव से पहले 30 दिन की रिहाई
  • अगस्त 2023: 21 दिन की अस्थायी रिहाई
  • दिल्ली विधानसभा चुनाव से 8 दिन पहले भी मिली थी पैरोल

SGPC ने इसे कानून का दुरुपयोग बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन कोर्ट ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।