राजस्थान में सूर्यदेव के तेवर तीखे बाड़मेर-कोटा में पारा 41 डिग्री पार, 17 अप्रैल से लू का यलो अलर्ट
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में मरुधरा अब तपने लगी है। अप्रैल के मध्य में ही सूरज की तपिश ने जून जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आगामी दिनों में गर्मी का यह दौर और भी आक्रामक होने वाला है, जिसको लेकर राज्य के कई जिलों में चेतावनी जारी कर दी गई है।
बाड़मेर और कोटा रहे सबसे गर्म, सड़कों पर सन्नाटा
मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 41.6 डिग्री और कोटा में 41.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर, चूरू और चित्तौड़गढ़ में भी झुलसाने वाली गर्मी का असर रहा, जहां तापमान 40.5 डिग्री के ऊपर रहा। दोपहर के समय लू के थपेड़ों और तेज धूप के कारण बाजारों और मुख्य सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है, लोग घरों और दफ्तरों में कैद होने को मजबूर हैं।
रात के तापमान में उछाल, उमस ने बढ़ाई बेचैनी
राहत की बात यह थी कि शाम को झुंझुनूं, सीकर और अलवर जैसे जिलों में बादल छाने से मामूली राहत मिली, लेकिन यह सुकून ज्यादा देर नहीं टिका। रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। शहरी इलाकों में कंक्रीट के जंगलों के कारण उमस का असर बढ़ गया है, जिससे पंखे और कूलर भी अब बेअसर साबित होने लगे हैं।
17 अप्रैल से हीटवेव की चेतावनी, इन जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने पश्चिमी राजस्थान में लू (Heatwave) का दौर शुरू होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। विभाग ने 17 अप्रैल से विशेष चेतावनी जारी करते हुए श्रीगंगानगर, जैसलमेर और बाड़मेर में 'यलो अलर्ट' जारी किया है। 18 अप्रैल को भी इन इलाकों में गर्म और शुष्क हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल में इस तरह की गर्मी आने वाले मई और जून के महीनों में 'भीषण लू' के संकट का संकेत दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह: हीट स्ट्रोक से बचें
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। अस्पतालों को हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर न निकलें, सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में अधिक ख्याल रखने की जरूरत है।