Student Alert: जमशेदपुर वालों का इंतजार खत्म लॉ कॉलेज की नई बिल्डिंग की नींव रखी गई, मिलेंगी प्राइवेट कॉलेज जैसी सुविधाएं

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News India Live, Digital Desk : लौहनगरी (Steel City) के छात्रों, खासकर जो कानून (Law) की पढ़ाई कर रहे हैं या वकील बनने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए आज का दिन बेहद खुशी का है। वर्षों से जिस चीज़ का इंतज़ार कोल्हान यूनिवर्सिटी के छात्र कर रहे थे, आखिर वो घड़ी आ ही गई।

जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज (Jamshedpur Cooperative Law College) की बदहाली अब इतिहास बनने वाली है। कॉलेज के नए भवन का शिलान्यास (Foundation Laying) कर दिया गया है। यानी, अब भविष्य के वकील टूटे-फूटे कमरों में नहीं, बल्कि एक शानदार और अत्याधुनिक बिल्डिंग में बैठकर न्याय के पाठ पढ़ेंगे।

आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि यह खबर इतनी बड़ी क्यों है और छात्रों को इससे क्या फायदा होगा।

बरसों पुरानी मांग हुई पूरी
को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज, कोल्हान विश्वविद्यालय का इकलौता और सबसे प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज है। लेकिन दुख की बात यह थी कि यहाँ न तो ढंग के क्लासरूम थे और न ही वकालत सीखने के लिए जरूरी सुविधाएं। छात्र लंबे समय से नई बिल्डिंग की मांग कर रहे थे। अब जाकर यह सपना साकार होने की दिशा में पहला कदम बढ़ा दिया गया है।

कैसी होगी नई बिल्डिंग? (New Facilities)
इस नए भवन की नींव एक भव्य समारोह में रखी गई, जिसमें शहर के सांसद विद्युत वरण महतो और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि यह नई बिल्डिंग पूरी तरह से आधुनिक होगी:

  • हाई-टेक क्लासरूम: जहाँ पढ़ने-पढ़ाने का माहौल बेहतर होगा।
  • मूट कोर्ट (Moot Court): लॉ स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज़रूरी होता है कोर्ट रूम की प्रैक्टिस करना। नई बिल्डिंग में एक खास 'मूट कोर्ट' बनाया जाएगा जहाँ असली अदालत जैसा माहौल होगा।
  • बड़ी लाइब्रेरी: कानून की मोटी-मोटी किताबें पढ़ने के लिए एक शांत और बड़ी लाइब्रेरी भी होगी।
  • सेमिनार हॉल: ताकि बड़े जजों और वकीलों के लेक्चर्स आयोजित हो सकें।

छात्रों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
अब तक जगह की कमी की वजह से कई बार क्लासेज सुचारू रूप से नहीं चल पाती थीं। एक अच्छी इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) मिलने से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। जब पढ़ाई का माहौल अच्छा होता है, तो रिजल्ट भी अच्छे आते हैं। कोल्हान के छात्रों को अब कानून की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों या महंगे प्राइवेट कॉलेजों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा।

कब तक बनकर होगा तैयार?
हालांकि सरकारी काम में थोड़ा वक़्त लगता है, लेकिन शिलान्यास होने का मतलब है कि काम शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि आने वाले एक-दो सालों में बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी और लॉ के स्टूडेंट्स को अपना नया कैंपस मिल जाएगा।

तो, जमशेदपुर के फ्यूटर लॉयर्स (Future Lawyers), अब अपनी कमर कस लीजिये। नई बिल्डिंग आपका इंतज़ार कर रही है!