चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को चैंपियन बनाने में सभी खिलाड़ियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा। एक खिलाड़ी ऐसा था जिस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया।
फाइनल के बाद रोहित शर्मा को अचानक उस खिलाड़ी की याद आ गई और उन्होंने उसकी जमकर तारीफ की। रोहित ने कहा कि श्रेयस अय्यर हमारे साइलेंट हीरो हैं। हम जानते थे कि हर मैच में परिस्थितियां कठिन होंगी। कम स्कोर के बावजूद दुबई की धीमी पिच पर रन बनाना हमेशा मुश्किल होता था। हमें एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। मध्यक्रम में अय्यर की आक्रामक बल्लेबाजी ने हमारा काम काफी आसान कर दिया। वह बिना किसी दबाव के अपना स्वाभाविक खेल खेल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अधिकांश बल्लेबाजों, विशेषकर विराट कोहली के साथ जो साझेदारी बनाई, वह निर्णायक मोड़ साबित हुई।
रोहित ने कहा कि जब मैं फाइनल में आउट हुआ तो टीम ने कम समय में तीन विकेट गंवा दिए थे। उस समय हमें 50 से 80 रन की साझेदारी की जरूरत थी। अय्यर ने स्थिति को समझा और रन बनाना शुरू किया, जिससे लक्ष्य आसान हो गया।