कौन हैं आर्थर फेरी? विंबलडन में 25 साल बाद वाइल्ड कार्ड एंट्री से सेमीफाइनल में पहुंचकर रचा इतिहास, बचपन का सपना हुआ सच
साल के सबसे प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम विंबलडन 2026 में इस वक्त एक नया इतिहास लिखा जा चुका है। दुनिया भर के टेनिस प्रेमियों को तब बड़ा सरप्राइज मिला, जब एक वाइल्डकार्ड खिलाड़ी ने अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा के दम पर सीधे सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया। 23 साल के युवा ब्रिटिश टेनिस खिलाड़ी आर्थर फेरी (Arthur Fery) ने विंबलडन के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नौवीं वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली को सीधे सेटों में 6-4, 7-6(4), 6-0 से करारी शिकस्त दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही फेरी पिछले 25 वर्षों के इतिहास में विंबलडन के आखिरी चार (सेमीफाइनल) में जगह बनाने वाले पहले पुरुष वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी बन गए हैं।
114वीं रैंक के बावजूद सेंटर कोर्ट पर मचाया तहलका, इवानिसेविक के क्लब में एंट्री
विंबलडन चैंपियनशिप 2026 की शुरुआत में आर्थर फेरी की वैश्विक रैंकिंग महज 114वीं थी। इसके बावजूद उन्होंने पिछले दो हफ्तों में घास के कोर्ट पर जो खेल दिखाया है, उसने बड़े-बड़े दिग्गजों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। फेरी ने अपने शानदार सफर के पहले ही दौर में बुल्गारिया के अनुभवी खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव को हराकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे।
अब क्वार्टर फाइनल में इटली के फ्लेवियो कोबोली का सफर सीधे सेटों में खत्म कर उन्होंने टेनिस जगत में तहलका मचा दिया है। इस बेजोड़ कामयाबी के साथ ही फेरी ने खुद को क्रोएशिया के महान खिलाड़ी गोरान इवानिसेविक (Goran Ivanisevic) के समकक्ष खड़ा कर लिया है, जिन्होंने साल 2001 में वाइल्ड कार्ड के तौर पर एंट्री लेकर न सिर्फ सेमीफाइनल खेला था बल्कि विंबलडन का खिताब भी जीता था।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से नंबर 1 कॉलेज खिलाड़ी बनने का सफर
आर्थर फेरी का विंबलडन और टेनिस से रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। 12 जुलाई 2002 को फ्रांस के सेव्रेस में जन्मे फेरी का परिवार उनके बचपन में ही लंदन आ गया था। खास बात यह है कि फेरी विंबलडन में ऑल इंग्लैंड क्लब (All England Club) के मैदान से महज पांच मिनट की दूरी पर पले-बढ़े हैं। उन्होंने किंग्स कॉलेज स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद तुरंत प्रोफेशनल टेनिस सर्किट में कूदने के बजाय उन्होंने 2020 में अमेरिका की मशहूर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) का रुख किया और वहां कॉलेज टेनिस खेला। स्टैनफोर्ड में अपने तीन सीजन के दौरान फेरी अमेरिकी कॉलेज टेनिस के सबसे बड़े स्टार बनकर उभरे। वे दो बार 'आईटीए ऑल-अमेरिकन' बने, 2023 में 'Pac-12 सिंगल्स प्लेयर ऑफ द ईयर' का अवॉर्ड जीता और 2022 में नेशनल कॉलेजिएट सिंगल्स रैंकिंग में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी बने। वे 1998 में बॉब ब्रायन के बाद इस मुकाम पर पहुंचने वाले स्टैनफोर्ड के पहले खिलाड़ी थे। कॉलेज स्तर पर उनका सिंगल्स रिकॉर्ड 58-16 का रहा है।
बचपन में स्टैंड्स से देखते थे मैच, अब फाइनल से महज एक कदम दूर
आर्थर फेरी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में भावुक होते हुए कहा था कि विंबलडन के मुख्य कोर्ट पर खेलना उनके लिए एक "फुल-सर्कल मोमेंट" (सपना पूरा होने जैसा) है, क्योंकि बचपन में वे इसी स्टेडियम के स्टैंड्स में बैठकर दुनिया के महान खिलाड़ियों को खेलते हुए देखते थे।
अब वही लोकल बॉय सेंटर कोर्ट पर खुद इतिहास लिख रहा है। ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर अब आर्थर फेरी का सामना दुनिया के स्टार खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव (Alexander Zverev) से होने जा रहा है। अगर फेरी यह मैच जीतने में कामयाब रहते हैं, तो यह विंबलडन इतिहास की सबसे बड़ी और जादुई खेल कहानियों में से एक बन जाएगी।