Virat Kohli - Anushka Sharma Temple Visit: विराट-अनुष्का के मंदिर जाने और भक्ति पर सवाल उठाने वालों पर भड़के मोहम्मद शमी

Virat Kohli - Anushka Sharma Temple Visit: विराट-अनुष्का के मंदिर जाने और भक्ति पर सवाल उठाने वालों पर भड़के मोहम्मद शमी

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और उनकी अभिनेत्री पत्नी अनुष्का शर्मा अक्सर मैच या सीरीज खत्म होने के बाद देश के प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और आध्यात्मिक गुरुओं के आश्रमों में दर्शन करते नजर आते हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके इस आध्यात्मिक झुकाव को लेकर सवाल खड़े करते रहते हैं। अब इस पूरे विवाद और बेवजह की बयानबाजी पर भारतीय टीम के वरिष्ठ तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। मोहम्मद शमी ने एक विशेष साक्षात्कार में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की भक्ति का खुलकर समर्थन किया और स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत आस्था पर उंगली उठाने का हक किसी के पास नहीं है।

शमी के इस बयान की खेल जगत और सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि शमी ने अपने साथी खिलाड़ी के पक्ष में खड़े होकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में आपसी सम्मान और भाईचारा कितना मजबूत है।

विराट-अनुष्का की आध्यात्मिक यात्रा और शमी का बेबाक रुख

हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जब मोहम्मद शमी से पूछा गया कि कुछ लोग विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के बार-बार मंदिर जाने, महाकालेश्वर के दर्शन करने और उज्जैन या वृंदावन में संतों का आशीर्वाद लेने पर सवाल उठाते हैं, तो शमी ने बिना झिझक आलोचकों को आड़े हाथों लिया। शमी ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि विराट अपनी आस्था को महत्व देते हैं।

शमी ने कहा कि विराट कोहली का भगवान में विश्वास कोई अचानक हुई घटना नहीं है। वे अपनी चीजों को लेकर काफी गंभीर और अनुशासित रहते हैं। वे अपने जीवन में भक्ति और आध्यात्म को एक व्यवस्थित रूप में समय देते हैं। शमी ने कहा, "यदि आप किसी चीज पर विश्वास करते हैं, तो उसे अपने जीवन में प्राथमिकता देना पूरी तरह से सही है। इसमें किसी अन्य व्यक्ति को परेशानी या आपत्ति होने का कोई कारण समझ नहीं आता।"

'अनुष्का के प्रभाव' वाले दावों पर शमी ने आलोचकों को घेरा

विराट कोहली के आध्यात्मिक बदलाव को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा भी किया जाता है कि अनुष्का शर्मा के जीवन में आने के बाद विराट का ध्यान पूजा-पाठ की तरफ बढ़ा है। जब इंटरव्यू के दौरान शमी के सामने यह सवाल रखा गया कि क्या अनुष्का शर्मा ने विराट के आध्यात्मिक सफर को प्रभावित किया है, तो शमी ने बेहद सटीक और सहज अंदाज में इस सोच को खारिज कर दिया।

मोहम्मद शमी ने कहा, "अगर वे पति-पत्नी की जोड़ी हैं और साथ मिलकर भक्ति करते हैं, तो इससे किसी को क्या दिक्कत हो सकती है? मुझे तो आज तक समझ नहीं आया कि लोग दूसरों की निजी जिंदगी और उनकी भक्ति में मीन-मेख क्यों निकालते हैं।" शमी ने साफ तौर पर कहा कि एक शादीशुदा जोड़े का एक साथ धार्मिक स्थलों पर जाना और संत-महात्माओं का आशीर्वाद लेना एक सकारात्मक बात है, न कि आलोचना का विषय।

प्रेमानंद महाराज से लेकर महाकालेश्वर तक: विराट का भक्ति मार्ग

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पिछले कुछ वर्षों में कई बार प्रसिद्ध संतों के आश्रमों और ऐतिहासिक मंदिरों में दर्शन करते हुए देखे गए हैं। विशेष रूप से वृंदावन के प्रसिद्ध संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में दोनों की सादगी से भरी उपस्थिति ने देश भर के प्रशंसकों का दिल जीता था। हाल ही में सीरीज खत्म होने के बाद भी दोनों को वृंदावन में महाराज जी के सत्संग में जमीन पर बैठकर प्रार्थना करते देखा गया था।

इसके अलावा उज्जैन स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती में भी विराट और अनुष्का पूरी श्रद्धा के साथ शामिल हुए थे। उत्तराखंड में कैंची धाम स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम और ऋषिकेश के स्वामी दयानंद आश्रम में भी इस जोड़े ने समय बिताया है। विराट कोहली खुद कई मौकों पर यह स्वीकार कर चुके हैं कि आध्यात्मिकता ने उन्हें मानसिक शांति, एकाग्रता और जीवन को देखने का एक नया सकारात्मक नजरिया दिया है।

मैदान के बाहर भी दिखता है टीम इंडिया का मजबूत भाईचारा

मोहम्मद शमी द्वारा विराट कोहली के बचाव में दिए गए इस बयान के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच के मजबूत रिश्ते की भी काफी चर्चा हो रही है। यह पहली बार नहीं है जब दोनों में से किसी ने एक-दूसरे का समर्थन किया हो। इससे पहले जब मैदान पर या बाहर मोहम्मद शमी को ट्रोल्स द्वारा निशाना बनाया गया था, तब तत्कालीन कप्तान विराट कोहली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेबाकी से शमी का समर्थन किया था और ट्रोल्स को लताड़ लगाई थी।

भारतीय क्रिकेट टीम के भीतर का यह माहौल दिखाता है कि खिलाड़ी मैदान पर एक साथ मिलकर देश का प्रतिनिधित्व तो करते ही हैं, साथ ही मैदान के बाहर भी एक-दूसरे की धार्मिक, व्यक्तिगत और सामाजिक प्राथमिकताओं का पूरा सम्मान करते हैं। शमी का यह बयान यह संदेश देता है कि खेल और खिलाड़ी का निजी जीवन दो अलग-अलग पहलू हैं, और किसी के व्यक्तिगत विश्वास का सम्मान किया जाना चाहिए।

प्रशंसकों और खेल प्रेमियों ने की शमी के बयान की सराहना

सोशल मीडिया पर मोहम्मद शमी के इस दो टूक जवाब के सामने आने के बाद फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। यूज़र्स का कहना है कि शमी ने बेहद साफगोई और परिपक्वता के साथ उन लोगों को आईना दिखाया है जो हर छोटी-बड़ी बात पर खिलाड़ियों के निजी जीवन को सोशल मीडिया पर घसीटने की कोशिश करते हैं।

मोहम्मद शमी का यह रुख यह भी स्पष्ट करता है कि भारतीय ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ी अपने साथी क्रिकेटरों की व्यक्तिगत पसंद और आस्था के साथ पूरी मजबूती से खड़े रहते हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की आध्यात्मिक यात्रा पर उठे सवालों का शमी द्वारा दिया गया यह करारा जवाब अब खेल जगत में खूब सुर्खियां बटोर रहा है।

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