बेंगलुरु में मैच पर बारिश का साया, 70% तक आसार, जानिए किसे मिलेगी ट्रॉफी
क्रिकेट प्रेमियों के लिए इस वक्त कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, जहां मौसम के बदले मिजाज ने खेल प्रेमियों की धड़कनों को तेज कर दिया है। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले महत्वपूर्ण मैच से ठीक पहले आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया है, जिससे एक रोमांचक मुकाबले के मजे पर पानी फिरने का पूरा खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मैच के दौरान बारिश होने की संभावना करीब 70 प्रतिशत तक जताई गई है, जिसने организаटर्स से लेकर फैंस तक की टेंशन बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए क्रिकेट गलियारों में एक ही सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि अगर बारिश के कारण यह मुकाबला रद्द होता है, तो आखिरकार किस टीम के सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा और ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी?
बेंगलुरु के मौसम का ताजा हाल और आसमान में मंडराते काले बादल
बेंगलुरु का मौसम पिछले कुछ दिनों से लगातार करवट ले रहा है और शाम ढलते ही यहाँ ठंडी हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही बढ़ जाती है। मैच से एक दिन पहले भी यहाँ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी, जिसकी वजह से दोनों टीमों को अपनी प्रैक्टिस रद्द करनी पड़ी और वे मैदान पर अभ्यास के लिए उतर नहीं सकीं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि शाम को जब मैच शुरू होने का समय होगा, ठीक उसी दौरान बादलों की गडग़ड़ाहट और भारी बारिश की आशंका 60 से 80 प्रतिशत के बीच बनी हुई है। लगातार हो रही मानसूनी या स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण पिच को पूरी तरह से कवर्स से ढंक कर रखा गया है। टॉस के समय से लेकर मैच के शुरुआती ओवरों तक खलल पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे मैदान पर मौजूद ग्राउंड्समैन की परीक्षा भी कड़े रूप में होगी।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद
जब भी बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मैच होता है, यहाँ की पिच और बाउंड्री का छोटा आकार हमेशा से बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से इस मैदान की पिच का मिजाज थोड़ा बदला है और नई गेंद के साथ तेज गेंदबाजों को यहाँ काफी स्विंग और बाउंस मिलने लगा है। यदि मौसम सुहाना रहता है और आसमान में घने बादल छाए रहते हैं, तो सीमर्स हवा में गेंद को दोनों तरफ लहराकर शुरुआती ओवरों में कहर बरपा सकते हैं। ऐसे में दोनों टीमों के कप्तानों के लिए पावरप्ले के दौरान संभलकर खेलना और विकेट बचाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा और गेंद पुरानी होगी, वैसे-वैसे बल्लेबाजी करना काफी आसान हो जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मैदान पर बाद के ओवरों में चेज करने वाली टीमों का पलड़ा अक्सर भारी रहता है, लेकिन बारिश के खलल के कारण डकवर्थ लुईस नियम (DLS) की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाएगी।
अगर बारिश के कारण मैच रद्द हुआ, तो किस टीम को मिलेगी ट्रॉफी?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बेंगलुरु में झमाझम बारिश के कारण खेल एक भी गेंद फेंके बिना या बीच में ही पूरी तरह से रद्द करना पड़ जाता है, तो विजेता का फैसला कैसे होगा? जानकारों के मुताबिक, यदि इस विशेष मुकाबले के लिए कोई रिजर्व डे (Reserve Day) नहीं रखा गया है और मुकाबले का परिणाम निकालने के लिए न्यूनतम ओवरों का खेल भी संभव नहीं हो पाता है, तो नियमों के तहत दोनों फाइनलिस्ट या आमने-सामने की दोनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित करते हुए ट्रॉफी शेयर (Share Trophy) करनी पड़ सकती है। सीरीज या टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार यदि मुकाबले का कोई वैकल्पिक दिन तय नहीं होता है, तो बारिश की भेंट चढ़ने की स्थिति में दोनों टीमों को बराबरी पर रखते हुए ट्रॉफी साझा करने का प्रावधान लागू होता है। हालांकि, फैंस और खिलाड़ी कभी नहीं चाहेंगे कि ऐसा रोमांचक मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हो, क्योंकि हर कोई मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश देखना चाहता है, न कि बादलों की बारिश से मैच का फैसला होते देखना चाहता है।
फैंस और टीमों की उम्मीदें, क्या सुधरेगा मौसम का मिजाज?
क्रिकेट प्रेमी और दोनों टीमों के समर्थक इस वक्त लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश के बादल जल्द से जल्द छँट जाएं और बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित मैदान पर एक फुल-लेंथ मुकाबला देखने को मिले। स्थानीय प्रशासन और क्यूरेटर भी जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था के साथ पूरी तरह मुस्तैद हैं ताकि जैसे ही बारिश थमे, कम से कम समय में मैदान को सुखाकर खेल दोबारा शुरू किया जा सके। अगर बारिश रुकती है और ओवर्स में थोड़ी कटौती भी करनी पड़ती है, तो भी सुपर ओवर या संक्षिप्त फॉर्मेट में मैच का रोमांच दोगुना हो जाएगा। अब देखना यह होगा कि बेंगलुरु का यह मौसम खेल प्रेमियों को मायूस करता है या फिर बादलों के बीच से निकलकर कोई सुखद परिणाम सामने आता है, जिसकी हर किसी को बेसब्री से तलाश है।