विराट कोहली के 86वें शतक पर मुरीद हुए इयान बिशप, बोले- चेज मास्टर का क्रिकेट में कोई सानी नहीं
भारतीय क्रिकेट टीम के आधुनिक 'रन मशीन' कहे जाने वाले दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच पर अपनी बल्लेबाजी का ऐसा रौद्र रूप दिखाया है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही तीन मैचों की एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) सीरीज के पहले मुकाबले में किंग कोहली ने मैदान पर कदम रखते ही कैरेबियाई गेंदबाजी आक्रमण के परखच्चे उड़ा दिए। 27 सितंबर को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को एकतरफा अंदाज में आठ विकेट से करारी शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
मैच में जब भारतीय टीम 296 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए विराट कोहली ने शुरू से ही आक्रामक और नियंत्रित रुख अपनाया। उन्होंने मात्र 88 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 139 रनों की असाधारण मैच विनिंग पारी खेली। इस तूफानी पारी के दौरान कोहली ने मैदान के चारों ओर क्लासिकल और दर्शनीय शॉट्स जड़े और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का ऐतिहासिक 86वां शतक पूरा किया। चेज करते हुए विराट की इस जादुई बल्लेबाजी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब रनों का पीछा करने की बात आती है, तो पूरी दुनिया में उनके कद का कोई दूसरा बल्लेबाज नजर नहीं आता।
इयान बिशप ने सचिन तेंदुलकर से की तुलना, 74 कम पारियों में 15,000 वनडे रन का बनाया नया कीर्तिमान
विराट कोहली के इस अविश्वसनीय प्रदर्शन और रिकॉर्डतोड़ शतकीय पारी के तुरंत बाद वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज और जाने-माने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कमेंटेटर इयान बिशप ने खुलकर उनकी तारीफ में कसीदे पढ़े। बिशप ने खेल प्रसारण मंच जियोहॉटस्टार (JioHotstar) से बातचीत करते हुए कहा कि क्रिकेट के इतिहास में निरंतरता और रनों की ऐसी भूख बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है। उन्होंने रेखांकित किया कि विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने का वह मील का पत्थर छू लिया है, जिसे पार करना किसी भी सामान्य बल्लेबाज के लिए एक जीवन भर का सपना होता है।
इयान बिशप ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का विश्लेषण करते हुए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के साथ कोहली के आंकड़ों की तुलना की। बिशप ने कहा कि वे महान सचिन तेंदुलकर का अगाध सम्मान करते हैं और उनके युग के गवाह रहे हैं, लेकिन विराट कोहली ने सचिन के मुकाबले 74 पारियां कम खेलकर 15,000 एकदिवसीय रनों का आंकड़ा छू लिया है। बिशप के अनुसार, यह आंकड़ा अपने आप में इतना स्तब्ध करने वाला है कि यह सीधे तौर पर विराट को एकदिवसीय प्रारूप के अब तक के सबसे महान, या यूं कहें कि सार्वकालिक सर्वश्रेष्ठ (GOAT) बल्लेबाजों की कतार में सबसे आगे लाकर खड़ा कर देता है।
'अगर मेरे पास अभी फूल होते तो मैं विराट को देता': रनों की भूख और चेज मास्टर की अनोखी कला
वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ने अपने बयान में कोहली की कभी न खत्म होने वाली रनों की भूख (Hunger for Runs) और मानसिक दृढ़ता की विशेष सराहना की। बिशप ने कहा कि करियर के इस परिपक्व मोड़ पर भी विराट कोहली जिस शारीरिक फिटनेस, ऊर्जा और उच्च स्तर के साथ हर मैच में प्रदर्शन कर रहे हैं, वह नई पीढ़ी के किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए एक संपूर्ण विश्वविद्यालय की तरह है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय विराट के दिमाग में चलने वाला गणितीय हिसाब-किताब, मैच की स्थिति को भांपना और गेंदबाजों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना एक ऐसी कला है जिसकी समकालीन क्रिकेट में कोई बराबरी नहीं है।
बिशप ने भावुक होते हुए कहा कि एकदिवसीय क्रिकेट में 15,000 रन बनाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। यह बहुत बड़ा और असाधारण आंकड़ा है। उन्होंने कहा, "विराट कोहली को हमेशा यह अहसास रहता है कि टीम को उनकी कब सबसे ज्यादा जरूरत है, भले ही वे सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार न करें। अगर इस समय मेरे हाथ में फूलों का गुलदस्ता होता, तो मैं तुरंत झुककर उन्हें भेंट करता, क्योंकि वे निश्चित रूप से हर सम्मान और प्रशंसा के हकदार हैं।"
भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा, तिरुवनंतपुरम में तिरंगे का परचम लहराया
तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के समीकरणों पर नजर डालें तो वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में सम्मानजनक और मजबूत 295 रन बोर्ड पर लगाए थे। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी थी। लेकिन जब टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो विराट कोहली के मैदान पर आते ही मैच का रुख पूरी तरह भारत की तरफ झुक गया।
कोहली ने दूसरे छोर से विकेट गिरने के बावजूद रन गति को धीमा नहीं पड़ने दिया और स्ट्राइक रोटेशन के साथ-साथ लूज गेंदों पर बाउंड्री बटोरते रहे। उनकी 88 गेंदों में नाबाद 139 रनों की इस पारी की बदौलत भारत ने बेहद आसानी से 296 रनों का लक्ष्य महज दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। आठ विकेट की इस धमाकेदार जीत के साथ टीम इंडिया ने घरेलू सरजमीं पर अपने दबदबे को बरकरार रखा है और अब सीरीज के अगले मैचों में भी क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें विराट के बल्ले से निकलने वाले नए रिकॉर्ड्स पर टिकी होंगी।