वीरेंद्र सहवाग की लाख कोशिशें भी नहीं तोड़ पाईं यह महारिकॉर्ड, अब विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से ही बची हैं सारी उम्मीदें
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी सबसे विध्वंसक और गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले ओपनर्स की बात होती है, तो उसमें पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। टेस्ट क्रिकेट से लेकर वनडे और टी-20 तक अपनी तूफानी बल्लेबाजी से बड़े-बड़े गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले सहवाग ने अपने करियर में कई ऐतिहासिक और असंभव दिखने वाले कीर्तिमान अपने नाम किए, लेकिन एक ऐसा महाकठिन रिकॉर्ड है जिसे चाहकर भी 'नजफगढ़ के नवाब' नहीं तोड़ पाए। अब क्रिकेट पंडितों और खेल प्रेमियों की निगाहें भारतीय क्रिकेट के नए चमकते सितारे और कम उम्र में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सनसनी फैलाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिक गई हैं, जिनसे इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त करने की सबसे बड़ी उम्मीद की जा रही है।
वीरेंद्र सहवाग भी जिस रिकॉर्ड को तोड़ने से रह गए चूके, जानिए उसकी अहमियत
अपने दौर में गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ने समेत कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिन्हें आज भी मील का पत्थर माना जाता है। हालांकि, क्रिकेट के पन्नों में कुछ ऐसे असाधारण रिकॉर्ड दर्ज हैं जो आज भी अछूते बने हुए हैं और जिन्हें पार करना किसी भी बल्लेबाज के लिए माउंट एवरेस्ट फतह करने जैसा है। सहवाग जैसे खूंखार बल्लेबाज ने भी अपने पूरे करियर के दौरान पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन वे इस खास और जादुई रिकॉर्ड की बराबरी करने या इसे तोड़ने में सफल नहीं हो पाए, जिसके चलते आज भी यह सवाल हर क्रिकेट फैन के जेहन में बना रहता है कि आखिर वह कौन सा बल्लेबाज होगा जो इस दीवार को गिराएगा।
युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी से क्यों बंध उम्मीदों के नए और बड़े पंख
बिहार की माटी से निकलकर अपनी आतिशी बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में ही अपनी बैटिंग का ऐसा लोहा मनवाया है कि दिग्गजों ने उनमें भविष्य का बहुत बड़ा मैच विनर देखना शुरू कर दिया है। जिस बेखौफ अंदाज और प्रचंड स्ट्राइक रेट के साथ वैभव मैदान पर उतरते हैं, उसे देखकर अब यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि यदि कोई खिलाड़ी उस ऐतिहासिक और अटूट रिकॉर्ड को चकनाचूर कर सकता है, तो वह केवल वैभव सूर्यवंशी ही हैं। उनकी इस असाधारण प्रतिभा और उम्र के इस पड़ाव पर उनके द्वारा खेली जा रही पारियों ने भारतीय क्रिकेटप्रेमियों के दिलों में एक नई उम्मीद जगा दी है कि आने वाले समय में यह महारिकॉर्ड भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा।