शून्य पर आउट होने के बाद भी बल्लेबाज ने बना दिया 187 रन का महारिकॉर्ड! विरोधी कप्तान की इस एक बड़ी भूल से गेंदबाज बहाने लगे खून के आंसू

शून्य पर आउट होने के बाद भी बल्लेबाज ने बना दिया 187 रन का महारिकॉर्ड! विरोधी कप्तान की इस एक बड़ी भूल से गेंदबाज बहाने लगे खून के आंसू

क्रिकेट के मैदान पर अनहोनी और अजीबोगरीब रिकॉर्ड्स का बनना कोई नई बात नहीं है, लेकिन खेल के इतिहास में एक ऐसा वाकया भी दर्ज है जिस पर पहली बार में यकीन करना किसी के लिए भी नामुमकिन सा लगता है। क्या आपने कभी किसी ऐसे बल्लेबाज के बारे में सुना है जो अपनी पारी में शून्य (0) रन के स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गया हो, लेकिन इसके बावजूद उसने स्कोरबोर्ड पर अपनी टीम के लिए व्यक्तिगत रूप से 187 रन का एक ऐसा विशाल रिकॉर्ड जड़ दिया हो जिसे जानकर दुनिया भर के धुरंधर क्रिकेट पंडित भी हैरान रह गए थे? क्रिकेट के इस अनोखे और हैरान कर देने वाले किस्से के पीछे विरोधी टीम के कप्तान की एक ऐसी रणनीतिक भूल छिपी थी, जिसने गेंदबाजों को आंसू बहाने पर मजबूर कर दिया था।

कैसे संभव हुआ शून्य पर आउट होने के बावजूद 187 रन का यह जादुई करिश्मा?

क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में यह सवाल उठना लाजमी है कि भला कोई खिलाड़ी बिना खाता खोले आउट होने के बाद भी इतने बड़े स्कोर का मालिक कैसे बन सकता है। दरअसल, यह पूरा मामला क्रिकेट के इतिहास के शुरुआती या घरेलू मुकाबलों के उस अनोखे फॉर्मेट से जुड़ा है, जहां खेल के कुछ तकनीकी नियमों और स्कोरिंग के पुराने तरीकों का खामियाजा या फायदा खिलाड़ियों को मिलता था। उस मैच के दौरान जब वह बल्लेबाज क्रीज पर उतरा और बिना एक भी रन बनाए आउट हो गया, तो स्कोरशीट और टीम के दस्तावेजों में उसके नाम दर्ज होने वाली कुल भागीदारी व अन्य तकनीकी जोड़-तोड़ के आधार पर उसका व्यक्तिगत रिकॉर्ड और योगदान ऐतिहासिक रूप से 187 रन तक जा पहुंचा, जिसने पूरी महफिल ही लूट ली।

विरोधी कप्तान की एक भूल और गेंदबाजों की बेबसी का दर्द

इस दिलचस्प मुकाबले में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट विरोधी टीम के कप्तान का वह गलत फैसला साबित हुआ, जो उसने मैच की परिस्थितियों को भांपने में कर दिया था। कप्तान की उस एक रणनीतिक भूल ने विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दे दिया और गेंदबाजों के लिए वह मैच किसी खौफनाक सपने से कम नहीं साबित हुआ। मैदान पर पसीना बहाते हुए गेंदबाज अपनी किस्मत को कोस रहे थे क्योंकि कप्तान के गलत फैसलों के चलते उनकी एक न चल रही थी और रन मशीन लगातार आगे बढ़ती जा रही थी। क्रिकेट के पन्नों में दर्ज यह अनूठा रिकॉर्ड आज भी खेल प्रेमियों के बीच बड़े ही रोचक अंदाज में याद किया जाता है।

 

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