T20 में धोनी की वो धीमी टेस्ट पारी: जिसे याद कर आज भी माथा पीटते हैं फैंस, कटवा दी थी टीम की नाक
क्रिकेट के मैदान पर 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर और अपनी फिनिशिंग स्किल्स के लिए दुनियाभर में पूजे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के नाम कई ऐतिहासिक पारियां दर्ज हैं, लेकिन उनके करियर में एक ऐसा मुकाबला भी आया था जिसे आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे अजीब और निराशाजनक पारियों में गिना जाता है। टी20 फॉर्मेट जैसे तेज-तर्रार और आक्रामक खेल में धोनी की खेली गई एक बेहद धीमी पारी को याद करके आज भी क्रिकेट फैंस अपना माथा पीट लेते हैं। इस मुकाबले में धोनी की बल्लेबाजी इतनी धीमी रही थी कि मैदान पर दर्शकों के साथ-साथ विशेषज्ञों तक ने इस पर कड़े सवाल खड़े कर दिए थे और यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए एक बड़ा सबक बन गया था।
जब टी20 मैच में टेस्ट की तरह बल्लेबाजी करने लगे थे कैप्टन कूल
यह दिलचस्प और हैरान करने वाला वाकया उस समय का है जब टीम इंडिया एक महत्वपूर्ण टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रही थी और पिच की परिस्थितियों या शुरुआती झटकों के कारण भारतीय पारी लड़खड़ा गई थी। ऐसे समय में जब रन गति तेज करने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, क्रीज पर सेट हो चुके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बेहद रक्षात्मक रुख अपना लिया। उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने के बावजूद बाउंड्री लगाने के बजाय सिंगल-डबल पर जोर दिया और कई ऐसी डॉट गेंदें खेलीं जो टी20 के मिजाज से बिल्कुल मेल नहीं खाती थीं। उनकी इस अति-सुरक्षात्मक रणनीति के कारण टीम का स्कोरबोर्ड पूरी तरह थम सा गया था।
फैंस का गुस्सा और मैच के बाद खड़े हुए थे गंभीर सवाल
टी20 क्रिकेट के आधुनिक दौर में जहां हर ओवर में कम से कम 8 से 10 रनों की दरकार होती है, वहां धोनी की इस पारी ने उस समय मैच का पूरा पासा ही पलट दिया था और भारत को हार का सामना करना पड़ा था। मैच के बाद सोशल मीडिया से लेकर एक्सपर्ट्स के बीच इस बात की लंबी बहस छिड़ गई थी कि क्या अनुभवी खिलाड़ियों को भी इस तरह का डिफेंसिव खेल दिखाना चाहिए। हालांकि धोनी का मकसद शायद अंत तक टिककर मैच को बचाना या गहराई तक ले जाना रहा हो, लेकिन उस दिन उनका यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया और टीम की नाक कट गई, जिसे आज भी क्रिकेट प्रेमी एक अनचाहे रिकॉर्ड के रूप में याद करते हैं।