एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ खिताबी हैट्रिक लगाने उतरेगा भारत

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: जालंधर में बांग्लादेश के खिलाफ खिताबी हैट्रिक लगाने उतरेगा भारत

भारतीय हॉकी का पारंपरिक गढ़ और नर्सरी कहे जाने वाले जालंधर के ऐतिहासिक ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में मंगलवार से एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का बिगुल बजने जा रहा है। खेल प्रेमियों के लिए यह बेहद गौरवमयी पल है क्योंकि पंजाब पूरे 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की आधिकारिक मेजबानी कर रहा है। इससे पहले साल 2009 में पंजाब की धरती पर प्रतिष्ठित पंजाब गोल्ड कप का सफल आयोजन किया गया था। इस बार पांच बार की एशियन चैंपियन भारतीय हॉकी टीम अपने खिताबी अभियान का जोरदार आगाज करते हुए बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। मैच की शुरुआत शाम 7:20 बजे से होगी, जबकि शाम पांच बजे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच इस बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।

स्थानीय खेल प्रशंसकों के उत्साह को चरम पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और हॉकी इंडिया ने सात हजार दर्शक क्षमता वाले ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में दर्शकों के लिए एंट्री पूरी तरह फ्री रखने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इससे जालंधर, अमृतसर, होशियारपुर और आसपास के जिलों से भारी तादाद में हॉकी प्रेमियों के स्टेडियम में जुटने की पूरी उम्मीद है। सबसे खास बात यह है कि वर्तमान भारतीय सीनियर टीम में कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह समेत कुल नौ स्टार खिलाड़ी पंजाब से ही ताल्लुक रखते हैं। यह पहला मौका होगा जब ये सभी दिग्गज खिलाड़ी अपने घरेलू मैदान और अपने होम क्राउड के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जर्सी पहनकर विपक्षी टीम को धूल चटाने के इरादे से टर्फ पर उतरेंगे।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भरी हुंकार, मनप्रीत सिंह चोटिल लेकिन विवेक सागर संभालेंगे कमान

बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले पहले बड़े मुकाबले से पूर्व सोमवार को आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तान हरमनप्रीत सिंह आत्मविश्वास से भरे नजर आए। कप्तान ने साफ शब्दों में कहा कि टीम प्रबंधन ने टूर्नामेंट के हर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैदान पर उतरने के लिए बिल्कुल अलग और पुख्ता रणनीतिक खाका तैयार किया है। हालांकि भारतीय खेमे के लिए एक झटका यह रहा कि अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह पिंडली में चोट (Calf Injury) के कारण पहले मुकाबले में चयन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। कप्तान हरमनप्रीत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मनप्रीत के विशाल अंतरराष्ट्रीय अनुभव की कमी मैदान पर जरूर खलेगी, लेकिन हमारी बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है और उनकी जगह युवा व गतिशील मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है।

भारतीय टीम का हालिया फॉर्म शानदार रहा है और टीम में युवा जोश व अनुभवी सितारों का बेहतरीन संतुलन देखने को मिल रहा है। इस बार भारतीय टीम में पंजाब के नौ खिलाड़ी अपना जलवा बिखेरेंगे, जिनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, राजिंदर सिंह, उपकप्तान हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल हैं। अपने घरेलू मैदान पर खेलने का जो अतिरिक्त उत्साह और प्रेरणा इन खिलाड़ियों के पास होगी, वह विपक्षी टीमों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती है। फॉरवर्ड लाइन में सुखजीत और मनदीप की आक्रामक जोड़ी फील्ड गोल दागने की जिम्मेदारी संभालेगी, वहीं डिफेंस में जुगराज और जर्मनप्रीत की दीवार अभेद्य नजर आ रही है।

खिताब की हैट्रिक लगाने पर भारत की नजरें, ढोल-नगाड़ों की थाप पर जालंधर पहुंची चमचमाती ट्रॉफी

भारतीय हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीम है। भारत ने अब तक रिकॉर्ड पांच बार यानी वर्ष 2011, 2016, 2018 (ओमान में पाकिस्तान के साथ संयुक्त विजेता), 2023 और 2024 में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम किया है। पिछले दो संस्करणों में लगातार चैंपियन रहने के बाद भारतीय सूरमा इस बार खिताब की स्वर्णिम हैट्रिक लगाने के स्पष्ट इरादे के साथ मैदान में उतरेंगे। पूरे पंजाब राज्य के विभिन्न शहरों और खेल अकादमियों का दौरा करने के बाद इस चमचमाती एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का काफिला सोमवार को जालंधर के सुरजीत स्टेडियम पहुंचा, जहां इसका स्वागत ढोल की थाप और पारंपरिक भांगड़े के साथ बेहद भव्य अंदाज में किया गया।

ट्रॉफी के स्वागत समारोह में हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष और हॉकी पंजाब के प्रधान नितिन कोहली, जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के साथ-साथ ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर, ओलंपियन बलजीत सिंह ढिल्लों और जगदीप गिल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन दिग्गज पूर्व खिलाड़ियों ने मौजूदा टीम को शुभकामनाएं दीं और भरोसा जताया कि घरेलू मैदान पर भारतीय टीम का विजय रथ कोई रोक नहीं पाएगा। मैदान की टर्फ को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नए सिरे से तैयार किया गया है और फ्लड लाइट्स की टेस्टिंग पूरी कर ली गई है ताकि खिलाड़ियों को रात के समय हाई-स्पीड हॉकी खेलने में कोई दिक्कत न आए।

मलेशिया से मिल सकती है कड़ी टक्कर, जालंधर से मोहाली तक दिखेगा टूर्नामेंट का रोमांच

टूर्नामेंट में भाग ले रही सभी टीमों में भारतीय टीम दुनिया की आठवें नंबर की टीम के रूप में सर्वोच्च रैंकिंग वाली टीम है, जिससे उसका पलड़ा हर लिहाज से सबसे भारी नजर आता है। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता मलेशिया की टीम भारत को कड़ी टक्कर देने का पूरा माद्दा रखती है। जापान में आयोजित एशियाई खेलों के फाइनल में भारत ने मलेशिया को एक कड़े मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया था। इस टूर्नामेंट के राउंड-रॉबिन लीग चरण में भारत और मलेशिया की टक्कर एक नवंबर को होगी, जो दर्शकों के लिए सबसे रोमांचक मुकाबला साबित हो सकता है। बांग्लादेश, कोरिया, जापान और चीन जैसी टीमें भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

प्रतियोगिता के संगठनात्मक ढांचे के अनुसार, टूर्नामेंट के सभी रोमांचक लीग मैच जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बाद टूर्नामेंट के अंतिम चरण यानी नॉकआउट दौर के लिए सभी टीमें मोहाली का रुख करेंगी। मोहाली स्थित आधुनिक सुविधाओं से लैस ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जालंधर पुलिस ने स्टेडियम के चारों ओर पुख्ता घेराबंदी की है और ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किए हैं ताकि मैच देखने आने वाले हजारों प्रशंसकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।