Solar Eclipse 2025 : इन आसान उपायों से बचें बुरे प्रभाव से, जानें क्या करें और क्या न करें

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News India Live, Digital Desk: Solar Eclipse 2025 :  साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण जल्द ही लगने वाला है। ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है, जिसका असर सभी राशियों और पृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं पर पड़ता है। ग्रहण काल को आमतौर पर एक अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

हालांकि, साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस वजह से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि ब्रह्मांड में होने वाली इस घटना का ऊर्जा स्तर पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे में कुछ सरल उपाय करके आप इसके किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव से अपना और अपने परिवार का बचाव कर सकते हैं।

आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण की तारीख, समय और उन उपायों के बारे में जो आपको इसके अशुभ असर से बचा सकते हैं।

सूर्य ग्रहण 2025 की तारीख और समय (Surya Grahan 2025 Date & Time)

  • ग्रहण शुरू होने का समय: रात 10:59 बजे से (भारतीय समयानुसार).
  • ग्रहण समाप्त होने का समय: देर रात 03:23 बजे (22 सितंबर) तक (भारतीय समयानुसार).
  • कहां दिखाई देगा: यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से दक्षिणी प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अंटार्कटिका में नजर आएगा।

ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल ज्योतिषीय उपाय

भले ही ग्रहण भारत में न दिखे, फिर भी कुछ उपाय करके आप इसके किसी भी बुरे प्रभाव को टाल सकते हैं:

  1. दान का विशेष महत्व: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अवश्य करें। गेहूं, गुड़, तांबा, या लाल रंग के वस्त्र जैसी सूर्य से संबंधित चीजों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। दान करने से ग्रहण के दोष दूर होते हैं।
  2. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ: सूर्य देव को प्रसन्न करने और हर संकट से अपनी रक्षा के लिए ग्रहण के दौरान या उसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत लाभकारी होता है।
  3. तुलसी दल का प्रयोग: घर में बने हुए भोजन और पीने के पानी में ग्रहण शुरू होने से पहले ही तुलसी का पत्ता डाल दें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से खाने-पीने की वस्तुओं पर ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता।

ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

  • इस दौरान भोजन पकाने और खाने की मनाही होती है।
  • ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए।
  • किसी भी नुकीली चीज जैसे चाकू, कैंची, या सुई-धागे का प्रयोग करने से बचें।
  • ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।
  • क्या करें:
    • ग्रहण के दौरान मन ही मन ईश्वर का ध्यान करें।
    • ग्रहण समाप्त होने पर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करके उसे शुद्ध करें।
    • ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करें।

गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का विशेष ध्यान

माना जाता है कि ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। इसलिए उन्हें कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • उन्हें किसी भी तरह की सिलाई, कटाई या धारदार वस्तु का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • इस दौरान मंत्र जाप करना उनके और होने वाले शिशु के लिए बहुत अच्छा होता है।
  • ग्रहण खत्म होने पर स्नान अवश्य करें।

यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए इन राशि और नक्षत्र वाले लोगों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। थोड़ी सी सावधानी और कुछ सरल उपायों से आप इस खगोलीय घटना के किसी भी नकारात्मक प्रभाव से आसानी से बच सकते हैं।