छोटे दुकानदारों की होगी चांदी! ‘मेड इन इंडिया’ सामान अब सीधे बिकेगा अमेरिका-यूरोप में, सरकार ने खोला रास्ता
कल्पना कीजिए, बनारस में बैठा एक साड़ी बनाने वाला कारीगर या जयपुर में बैठा एक हैंडीक्राफ्ट का छोटा सा दुकानदार, अपना सामान सीधे अमेरिका में बैठे किसी ग्राहक को बेच रहा है, वो भी बिना किसी लंबे-चौड़े कागजी झंझट के।
यह सपना अब जल्द ही हकीकत बनने वाला है। भारत सरकार देश के छोटे-छोटे व्यापारियों, कारीगरों और उद्यमियों को दुनिया के बाजार का ‘सुपरस्टार’ बनाने के लिए एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है।
सरकार ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट यानी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (जैसे Amazon, eBay) के जरिए विदेश में सामान बेचने की प्रक्रिया को बेहद सरल और आसान बनाने की तैयारी में है।
अभी क्या है सबसे बड़ी मुश्किल?
अभी तक होता यह था कि अगर किसी छोटे दुकानदार को अपना सामान विदेश भेजना होता था, तो उसे इतने सारे नियम-कानून, कागजी कार्यवाही और टैक्स की जटिलताओं से गुजरना पड़ता था कि वह बेचारा सोचकर ही हार मान लेता था। यह रास्ता सिर्फ बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए ही खुला था।
तो अब क्या बदलने वाला है? (सरकार का ‘मास्टर-प्लान’)
सरकार अब इस रास्ते के सारे ‘स्पीड ब्रेकर’ हटाने जा रही है, ताकि भारत का हर छोटा व्यापारी भी एक ग्लोबल सेलर बन सके।
- एक ही जगह सारी सुविधा: सरकार एक ऐसा ‘वन-स्टॉप शॉप’ ऑनलाइन पोर्टल बना रही है, जहां एक ही जगह पर आपको एक्सपोर्ट से जुड़ी सारी जानकारी और सुविधाएं मिल जाएंगी। आपको अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- कागजी कार्यवाही होगी खत्म: कस्टम क्लीयरेंस से लेकर पेमेंट तक, ज्यादातर प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और ऑटोमेटिक कर दिया जाएगा, जिससे समय और पैसा दोनों बचेगा।
- टैक्स और GST होगा आसान: सबसे बड़ी राहत GST और टैक्स के नियमों में दी जाएगी। इसे इतना सरल बनाया जाएगा कि एक छोटा व्यापारी भी इसे आसानी से समझ सके और इसका फायदा उठा सके।
इसका क्या होगा फायदा?
- ‘मेड इन इंडिया’ की धूम: भारत के बने यूनिक प्रोडक्ट्स जैसे साड़ियां, मसाले, हैंडीक्राफ्ट, और लेदर के सामान की विदेशों में बहुत मांग है। अब ये सामान आसानी से ग्लोबल मार्केट तक पहुंच पाएंगे।
- छोटे व्यापारियों की कमाई बढ़ेगी: जब आप अपना सामान डॉलर या यूरो में बेचते हैं, तो आपकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है।
- देश की অর্থনীতি मजबूत होगी: जब देश से ज्यादा सामान बाहर बिकेगा, तो देश में विदेशी मुद्रा आएगी और हमारी অর্থনীতি और भी मजबूत होगी।
साफ शब्दों में कहें तो, सरकार अब भारत के हर गली-मोहल्ले के टैलेंट को दुनिया के मंच पर लाने का रास्ता बना रही है। यह ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ को एक साथ जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम है, जो लाखों छोटे व्यापारियों की किस्मत बदल सकता है।