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April 29 2026 04:14 pm

झारखंड में आसमानी आफत अगले 4 दिनों तक भारी बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात का अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू (Heatwave) झेल रहे राज्य के कई हिस्सों में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के प्रभाव के कारण झारखंड के विभिन्न जिलों में अगले चार दिनों तक गर्जन के साथ भारी बारिश, ओलावृष्टि (Hailstorm) और वज्रपात (Lightning) की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने इसके लिए 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है।

अगले 4 दिनों का कैसा रहेगा हाल? (IMD Forecast)

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, राज्य में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आएगी:

तेज हवाएं: बारिश के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusto Winds) चल सकती हैं।

ओलावृष्टि की चेतावनी: राज्य के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों (विशेषकर रांची, बोकारो, हजारीबाग और गुमला) में कुछ स्थानों पर ओले गिर सकते हैं, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

वज्रपात का खतरा: मौसम विभाग ने सबसे ज्यादा चिंता वज्रपात को लेकर जताई है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, लोहरदगा और गुमला जिलों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। संथाल परगना के देवघर, दुमका और गोड्डा में भी छिटपुट बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

गर्मी से मिलेगी राहत, लेकिन बढ़ेगी मुसीबत

बारिश और ओलावृष्टि से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, वज्रपात और आंधी-तूफान के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँच सकता है।

मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी:

वज्रपात के समय सावधान रहें: मेघ गर्जन या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर रहें।

किसानों के लिए सलाह: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और ओलावृष्टि के दौरान खेतों में जाने से बचें।

बिजली के उपकरणों से दूरी: खराब मौसम में बिजली के खंभों और ऊंचे टावरों से दूर रहें।