हर माता-पिता को अपना बच्चा प्यारा लगता है। जब वह तोतली जुबान में कुछ बोलता है या मासूमियत से कोई डिमांड करता है, तो माता-पिता प्यार बरसाने से पीछे नहीं हटते। लेकिन सिर्फ प्यार देना ही अच्छी परवरिश नहीं है। बच्चे को सोशल मैनर्स और जरूरी स्किल्स सिखाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अगर आप अपने बच्चे की कुछ गलत आदतों को उसकी मासूमियत समझकर नजरअंदाज कर रही हैं, तो यह भविष्य में समस्या बन सकती है। समय रहते इन आदतों को सुधारना जरूरी है, नहीं तो ये लाइफटाइम बिहेवियर का हिस्सा बन जाएंगी। आइए जानते हैं वे कौन-सी आदतें हैं जो यह संकेत देती हैं कि बच्चा बिगड़ रहा है।
1. बच्चे की हर ज़िद पूरी करना
अगर बच्चा हर छोटी-बड़ी बात पर ज़िद करता है और माता-पिता तुरंत उसकी मांग मान लेते हैं, तो यह एक खतरे का संकेत है। ऐसे बच्चे आगे चलकर मैनीपुलेटिव हो सकते हैं और हमेशा अपनी मनमर्जी चलाने की कोशिश करते हैं, जो भविष्य में उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
2. बेसिक लाइफ स्किल्स न सीखना
अगर बच्चा अपनी उम्र के अनुसार छोटी-मोटी जिम्मेदारियां नहीं निभा रहा, जैसे – जूते के फीते बांधना, अपने खिलौने व्यवस्थित रखना या सफाई रखना, तो इसका मतलब है कि वह पूरी तरह माता-पिता पर निर्भर हो गया है। उम्र के हिसाब से बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है।
3. ‘ना’ सुनते ही गुस्सा हो जाना
अगर बच्चे को ना सुनने की आदत नहीं है और किसी चीज के लिए मना करने पर वह गुस्सा या आक्रामक हो जाता है, तो यह संकेत है कि वह संयम और धैर्य नहीं सीख रहा। उसे यह सिखाना जरूरी है कि हर इच्छा तुरंत पूरी नहीं होती।
4. हमेशा स्पेशल ट्रीटमेंट की उम्मीद करना
अगर बच्चा हर वक्त यह चाहता है कि उसे ही सबसे अच्छा और सबसे खास ट्रीटमेंट मिले, तो यह ओवर पैंपरिंग का नतीजा हो सकता है। ऐसे बच्चे बड़े होकर स्वार्थी (self-centered) बन सकते हैं और दूसरों की भावनाओं की कद्र नहीं करते।
5. सोशल स्किल्स की कमी
जिन बच्चों को माता-पिता जरूरत से ज्यादा लाड़-प्यार और आजादी देते हैं, उनमें सोशल स्किल्स की कमी देखने को मिलती है। ऐसे बच्चों में धैर्य कम होता है और वे दूसरों के साथ सही तालमेल नहीं बना पाते।