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April 30 2026 09:41 am

बिखरते रिश्तों को मिल रही नई जिंदगी, रायपुर में जेंडर बैलेंस्ड काउंसलिंग से बचाए जा रहे घर, जानें क्या है यह खास पहल

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News India Live, Digital Desk: आज के दौर में जहां छोटी-छोटी बातों पर पति-पत्नी के बीच अलगाव और तलाक के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। रायपुर पुलिस और महिला परामर्श केंद्र ने 'जेंडर बैलेंस्ड काउंसलिंग' (Gender Balanced Counseling) के जरिए एक नई मुहिम शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से पहले ही आपसी समझ और जेंडर संवेदनशीलता के जरिए टूटते परिवारों को बचाना है।

क्या है 'जेंडर बैलेंस्ड काउंसलिंग'?

अक्सर पारिवारिक विवादों में यह देखा जाता है कि काउंसलिंग के दौरान किसी एक पक्ष को ही दोषी ठहरा दिया जाता है, जिससे बात सुधरने के बजाय और बिगड़ जाती है। 'जेंडर बैलेंस्ड काउंसलिंग' में:

दोनों पक्षों की समान सुनवाई: काउंसलर्स की टीम में महिला और पुरुष दोनों विशेषज्ञ होते हैं, ताकि पति और पत्नी दोनों अपनी बात बिना किसी हिचकिचाहट के रख सकें।

पूर्वाग्रह से मुक्ति: यह काउंसलिंग किसी एक जेंडर के प्रति झुकाव रखने के बजाय निष्पक्ष होकर दोनों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझती है।

ईगो और गलतफहमी का समाधान: विशेषज्ञ यह समझने की कोशिश करते हैं कि विवाद की जड़ कहीं 'ईगो' या सोशल मीडिया के कारण उपजी 'गलतफहमी' तो नहीं है।

सफलता की दास्तां: सैकड़ों घरों में फिर गूंजी शहनाई

आंकड़ों के अनुसार, इस नई पहल के शुरू होने के बाद से रायपुर के महिला थाना और परामर्श केंद्रों में आने वाले मामलों में समझौते की दर (Success Rate) में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे कई जोड़े जो तलाक की अर्जी देने वाले थे, अब फिर से साथ रहने को तैयार हैं।

केस स्टडी: हाल ही में एक ऐसे जोड़े का घर बचाया गया जो पिछले 2 साल से अलग रह रहे थे। काउंसलिंग के जरिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियों और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का एहसास कराया गया।

क्यों टूट रहे हैं आज के परिवार?

काउंसलिंग के दौरान विशेषज्ञों ने कुछ प्रमुख कारणों को चिन्हित किया है:

संवाद की कमी: पति-पत्नी के बीच सीधा संवाद न होना और तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप।

करियर और ईगो: दोनों के वर्किंग होने पर समय न दे पाना और आपसी प्रतिस्पर्धा।

डिजिटल दूरियां: मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से व्यक्तिगत रिश्तों में दरार।

रायपुर पुलिस की अपील: "एक मौका रिश्ते को भी दें"

रायपुर एसएसपी और महिला सेल की टीम का कहना है कि पुलिस का काम केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि समाज में शांति स्थापित करना भी है। इस काउंसलिंग सेंटर के जरिए कोशिश की जा रही है कि छोटे बच्चों का भविष्य खराब न हो और समाज में पारिवारिक मूल्यों को फिर से स्थापित किया जा सके।

अगर आपके आसपास भी किसी परिवार में अनबन है, तो वे इन परामर्श केंद्रों की मदद ले सकते हैं, जहाँ उनकी पहचान गुप्त रखकर उन्हें सही रास्ता दिखाया जाता है।